EOW के शिकंजे में सिंधिया? ये है असली वजह सिंधिया के भाजपा में जाने की



कमलनाथ सरकार को संकट में डालने बाले ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। पार्टी को दगा देने के साथ प्रदेश की जनता के जनमत को पलटने की सजा तो मिलनी ही थी ? अब इसे राजनैतिक चाल, चरित्र या बदले की कार्यवाही कुछ भी कहा जा सकता है. 
Rakesh Prajapati  खबर द्वार से 

सिंधिया के खिलाफ सुरेंद्र श्रीवास्तव नामक शख्स ने 10 हजार करोड़ का जमीन घोटाला करने का आरोप लगाया है. ईओडब्ल्यू में शिकायत के बाद वर्ष 2014 में मामला दर्ज किया गया है. 


सूत्र बताते हैं कि लगभग 10 हजार करोड़ कीमत के जमीन घोटाले के मामले को लेकर केंद्र की मोदी सरकार ज्योतिरादित्य सिंधिया पर परोक्ष रूप से दवाव बना रही थी साथ  ही सिंधिया परिवार के खानदानी प्रापर्टी विवाद भी न्यायालय में विचाराधीन है उसके भी निपटारे का आश्वासन ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने का मुख्य कारण है ? इसलिए एकाएक ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मजवूरी में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ली ? भाजपा जानती है की ज्योतिरादित्य सिंधिया का उत्तरी मध्य प्रदेश में अच्छा प्रभाव है साथ ही ज्योतिरादित्य सिन्धिया के भाजपा में आने से पार्टी को फायदा ही फायदा होना है ! यही सब कारणों के चलते ज्योतिरादित्य ने भाजपा में जाने का मन बनाया ! परन्तु कांग्रेस और प्रदेश सरकार की पीठ में छूरा भोंकना कमलनाथ को नागवार गुजरा? 

कमलनाथ सरकार को संकट में डालने बाले ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं. पार्टी को दगा देने के साथ प्रदेश की जनता के जनमत को पलटने की सजा तो मिलनी ही थी ? अब इसे राजनैतिक चाल, चरित्र या बदले की कार्यवाही कुछ भी कहा जा सकता है, ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस निर्णय से तिलमिलाई कांग्रेस और कमलनाथ सरकार भी मोर्चा खोलने की तैयारी में लग गई है. उनके क्षेत्र के अफसर बदले जाने और रात में ही उन्हें जॉइन कराने के बाद अब सरकार ने सिंधिया के लिए पहले भी मुसीबत बन चुके जमीन घोटाले के मामले की फाइल खोल सकती है. सिंधिया के खिलाफ सुरेंद्र श्रीवास्तव नामक शख्स ने 10 हजार करोड़ का जमीन घोटाला करने का आरोप लगाते हुए ईओडब्ल्यू में शिकायत की थी. वर्ष 2014 में इस पर मामला भी दर्ज हुआ था लेकिन बाद में इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था. सूत्र बताते हैं कि सुरेंद्र श्रीवास्तव को ईओडब्ल्यू में बुलाया गया है और उससे आवेदन भी लिया गया है. उसके आवेदन के बाद यह मामला दोबारा खोला जा सकता है. गौरतलब है कि भाजपा नेता एवं राज्यसभा सांसद प्रभात झा भी इस मामले में सिंधिया की घेराबंदी करते रहे हैं और सिंधिया को पार्टी में लेने पर राज्यसभा सांसद प्रभात झा खुश नही हैं. 


पाठक के बाद अब सिंधिया का नंबर 
प्रदेश सरकार ने सियासी झटका खाने के बाद झटका देने वालों को झटका देने का अभियान शुरू कर दिया है. इस ऑपरेशन के सबसे पहला असर विजयराघवगढ़ के विधायक संजय पाठक पर पड़ा है. सरकार ने उनकी 6 खदानें बंद कर दी हैं और रिसोर्ट पर बुलडोजर चलाने के साथ ही खेत में खड़ी फसल भी नष्ट करता दी है. खजुराहो स्थित उनके होटल सायना को भी नोटिस जारी किया गया है. पाठक के बाद अब अगला नम्बर सिंधिया का लगने की आशंका जताई जा रही है ? जानकारों की मानें तो आने वाले कुछ दिनों में इस तरह की कार्यवाहियां अभी और भी सामने आ सकती हैं.




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