प्रार्थना



बस इतनी सी है प्रार्थना
यदि सच में है तो ईश्वर से
नहीं तो मुझमें निहित उस सत्ता से
जो मुझे संचालित करती है कि
मुझे वो शक्ति दे, जिससे मैं
विचार का विचार से
और
कलम का कलम से
सामना कर सकूँ....

ये शक्ति न भी दे
तो इतनी अरज है कि
मुझे वो बुज़दिली न दे कि
मैं विचार को भीड़ से
और कलम को बंदूक से
रोकने के भ्रम में
खुद को ख़त्म कर दूँ ...

- चन्द्रशेखर श्रीवास्तव    
तहसीलदार, भोपाल    


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