गौशाला खोलने के इच्छुक लोगों को शासकीय भूमि उपयोग का अधिकार मिलेगा

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955 गौशालाओं का काम शुरू, जिला पशु कल्याण समिति पुर्नगठित होगी, ब्लाक स्तर पर भी बनेगी समिति
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा प्रोजेक्ट गौशाला के प्रगति की समीक्षा

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रोजेक्ट गौशाला की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जो भी व्यक्ति या संस्था गौशाला खोलना चाहता है उसे शासकीय भूमि उपयोग का अधिकार दिया जाए। उन्होंने जिला पशु कल्याण समितियों का पुर्नगठन कर सभी ब्लाक में भी पशु कल्याण समिति गठित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया की गौशाला प्रोजेक्ट में 955 गौशाला का काम प्रारंभ हो गया और 614 गौशालाएँ वर्तमान में चल रही है। संचालित गौशालाओं में वर्तमान 1 लाख 60 हजार गायों का पालन पोषण किया जा रहा है। बैठक में पशुपालन मंत्री श्री लाखन सिंह यादव उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि प्रोजेक्ट गौशाला के कार्यों में गति लाई जाए और समय सीमा निर्धारित कर मुझे जानकारी दी जाए की कौन सी गौशाला कब तक शुरू हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में गायों के संरक्षण के लिए पूरे प्रदेश में एक आंदोलन खड़ा कर इससे अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने को कहा। उन्होंने कहा कि जो भी संस्थाएं इच्छुक हों उन्हें शासकीय भूमि पर गौशाला खोलने के लिए भूमि उपयोग अधिकार देने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य और लक्ष्य एक ही है कि पूरे प्रदेश में अधिक से अधिक गौशाला खुले चाहे वो फिर शासकीय स्तर पर हो या निजी क्षेत्र के सहयोग से खुले।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने गौशाला प्रोजेक्ट का विदेशों में अप्रवासी भारतीयों के बीच भी व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा। उन्होंने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ-पालन और संरक्षण के लिए जो भी इच्छुक है वह मुझसे मिल सकता है। उन्होंने पशुपालन विभाग को निर्देश दिए कि ऐसे इच्छुक लोगों को चिन्हांकित कर वे उनसे मुलाकात निर्धारित करें।
उन्होंने गौशालाओं के प्रबंधन में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिये कदम उठाने के निर्देश दिये।

पशु चारे के लिये अनुदान राशि 20 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। इसके लिये बजट प्रावधान किया जायेगा। उन्होंने गौशालाओं के कम लागत के आदर्श डिजाइन तैयार करने के लिए इच्छुक संस्थाओं से प्रस्ताव बुलाने के निर्देश दिये।

उल्लेखनीय है कि प्रोजेक्ट गौशाला से शहरों और गांवों में आवारा पशुओं को आश्रय मिलेगा। साथ ही इससे आवारा पशुओं की वजह से होने वाले सड़क हादसों और खेतों में फसल को नुकसान पहुंचाने के मामलों में कमी आएगी। प्रदेश में 614 ऐसी गौशालाएं हैं जो निजी हाथों में हैं, जिन्हें सरकार से अनुदान मिलता है। पिछली सरकार ने एक भी सरकारी गौशाला नहीं खोली।

बैठक में मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, अपर मुख्य सचिव पशुपालन श्री मनोज श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री अनुराग जैन उपस्थित थे।
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