सुप्रीम कोर्ट ने दिखा दिया 'भीष्म नहीं, जो चुप रह सब कुछ देखते रहें', EC ने इन 4 नेताओं के मुंह पर लगाया ताला



देश में राजनीति का स्तर इस कदर गिरता जा रहा है, गिर गया है कि यह कहना गलत न होगा कि कोई स्तर ही नहीं रह गया है. ये नेता लोग अपने को खुदा से भी ऊपर समझ बैठे हैं, ऐसा कई मौकों पर साफ़ साफ़ बोले भी हैं. जनता द्रोपदी बनी हुई है, करे भी तो क्या? लेकिन अब Supreem Court के एक्शन के बाद चुनाव आयोग ने इन चार नेताओं के मुंह पर तो ताला लगा ही दिया है. 

ऐसे में आज Supreem Court ने बता दिया कि वह भीष्म नहीं है, चुप नहीं बैठेगा. जब जब भी अति हुई पूर्व में भी कई मौकों पर Supreem Court ने हस्तक्षेप किया है. आज जब नेता लोग खुले आम संहिता की धज्जियां उड़ा रहे थे, और चुनाव आयोग दुसरी तरफ मुंह कर ले रहा था, ऐसे में एक बार फिर Supreem Court सामने आया. उसने चुनाव आयोग को आड़े हाथ लिया. फटकार लगाई तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन कड़ी नाराजगी दिखाई तो आखिर वह जागा. 



अब देश में बहुत समय बाद ऐसा हुआ है, जब चार बड़े नेताओं पर वैन लगा दिया गया है. चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाते हुए भाजपा के स्टार प्रचारक, उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बसपा सुप्रीमों मायावती, सपा नेता आजम खान और बीजेपी नेता, मंत्री मेनका गांधी को आचार संहिता का दोषी मानते हुए उनके लोकसभा चुनाव में किसी प्रकार का भाषण देने, रैली करने, प्रचार करने पर प्रतिबंधित कर दिया है. इसके पूर्व पहली बार 1992 में भड़काऊ भाषणों के लिए बाल ठाकरे के खिलाफ कदा कदम उठाया गया था, तब उनके खिलाफ न केवल प्रचार करने भाषण देने बल्कि चुनाव लड़ने पर 6 साल के लिए पाबंदी लगा दी गई थी. लेकिन यह आज का चुनाव आयोग है, जो कह रहा है कि हमारे पास सीमित शक्तियां हैं. 

जारी आदेश के अनुसार चुनाव आयोग की ये रोक 16 अप्रैल सुबह 6 बजे से शुरू हो गई है. योगी आदित्यनाथ के लिए 72 घंटे, मायावती के लिए 48 घंटे, सपा नेता आजम खान पर 72 घंटे और बीजेपी नेता, मंत्री मेनका गांधी पर 48 घंटे तक भाषण पर रोक लागू रहेगी. इस दौरान योगी आदित्यनाथ और मायावती ना ही कोई रैली को संबोधित कर पाएंगे, ना ही सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर पाएंगे और ना ही किसी को इंटरव्यू दे पाएंगे. 



योगी आदित्यनाथ का बयान 
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने एक संबोधन में मायावती पर हमला करते हुए कहा था कि अगर विपक्ष को अली पसंद है, तो हमें बजरंग बली पसंद हैं.

मायावती का बयान 
बसपा प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश के देवबंद में चुनावी सभा के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों से वोटों के लिए अपील की थी. मायावती ने अपने संबोधन में कहा था कि मुस्लिम समुदाय के लोग अपना वोट बंटने ना दें और सिर्फ महागठबंधन के लिए वोट दें.

सपा नेता आजम खान का बयान 
यह बयान इतना घटिया है कि हम इसका यहाँ उल्लेख भी नहीं कर सकते. 
इस पर कोई खबर भी नहीं बनाने पर लोगों ने हमें लिखा, इस पर आप कुछ नहीं लिख रहे, हमने कहा 'हम इसे इस लायक भी नहीं समझते'. इस प्रकार की बयानबाजी के बाद मीडिया का रोल बेहद अहम रहता है, कई बार देखा गया है नेता लोग खाली पीली सुर्खियाँ बटोरने के लिए भी कुछ भी भाषण दे देते हैं और मीडिया उसे फैलाता रहता है. बेहतर हो हम मीडिया उसके पीछे की छुपी मंशा को समझें और फिर इग्नोर कर दें. यह भी एक बड़ा करारा जबाब हो जाए. 

बीजेपी नेता, मंत्री मेनका गांधी का बयान 
बीजेपी नेता, मंत्री मेनका गांधी ने भी अपने बयान में धर्म जाति का उल्लेख किया. उन्होंने एक वर्ग विशेष को लेकर बयान दिया कि मेरी जीत में आपका योगदान नहीं होगा तो मैं भी सोचने विवश हो जाऊंगी. 



हालांकि इनके अलावा भी कई महारथी बहुत कुछ गलत बोल रहे हैं. लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसी पार्टी की मान्यता रद्द की जाए और उम्मीदवार की उम्मीदवारी, लेकिन चुनाव आयोग कुछ नहीं कर पा रहा. इस बारे में चुनाव आयोग का कहना है कि हमारे पास सीमित शक्तियां हैं. हम केवल सलाह जारी कर सकते हैं. बार बार गलती करने पर शिकायत दर्ज कराते हैं. चुनाव आयोग का कहना है कि वह गलत बोलों पर किसी पार्टी की मान्यता रद्द नहीं कर सकता न ही किसी की उम्मीदवारी ख़त्म कर सकता है.  

मोदी-शाह को छूट, हम पर क्रूरता -माया 
इसके बाद से अब कांग्रेस PM नरेन्द्र मोदी अमित शाह के बाय्नों को लेकर बात कर रहगी है. कांग्रेस का कहना है कि इनके बयान और भी ज्यादा आपत्तिजनक हैं, चुनाव आयोग इनके प्रचार को रोके, वहीं मायावती का कहना है PM नरेन्द्र मोदी अमित शाह को चुनाव आयोग ने छूट दे रखी है और हम पर क्रूरता की जा रही है.  

और अंत में लखनऊ से सीमा राय द्विवेदी की यह रचना जो करारा प्रहार कर रही है ऐसे सोच पर 

ये अट्टहास, जो सदियों से चलता आया है और...

वो झांकेंगे तुम्हारे अंतःवस्त्रों तक, आँखें फाड़ फाड़ कर... 
वो ज़ब कभी बगल से गुजरेंगे, उनके हाथ करेंगे कोशिशें, तुम्हे छू लेने की... 
वो तुमको प्रलोभन देंगे, प्रेम का औऱ ज़ब उस प्रलोभन को स्वीकृत नहीं करोगी 
वो फिर आएंगे औऱ झोंक देंगे तुमको, तेज़ाब की कभी न बुझने वाली आग में... 
वो जानते हैं उनका बजूद मजबूत है, उन्हें किसी से नहीं डरना... 
वो ये भी जानते हैं कि उनका बचाव, तुम्हारे जैसी स्त्रियां ही करेंगी... 
वो जानते हैं, स्त्रियों में एका नहीं रहा कभी... 
वो निश्चिन्त हैं, उनका कोई कुछ न बिगाड़ सकेगा.. 
इसलिए ही तो वो हँसते हैं, औऱ करते दीखते अटटहास 
कभी किसी गली में, तो कभी किसी नुक्क्ड़ पर, तो कभी चारदीवारी में भी... 

ये अट्टहास, जो सदियों से चलता आया है, सदियों तक चलता रहेगा ... 







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