काम नहीं कर रहे थे, अब धड़ल्ले से काटे जा रहे बीजेपी में मौजूदा सांसदों के टिकिट



बीजेपी में जिस तरह से मौजूदा सांसदों के टिकिट काटे जा रहे हैं, उसे देखकर यही कहा जाएगा कि सांसद काम नहीं कर रहे थे, और पार्टी चुपचाप देख रही थी. अब जब टिकिट का समय आया तो पार्टी ने जीत के लिए उन्हें योग्य नहीं माना और बाहर कर दिया. पार्टी किसी भी हालत में जीत के लिए प्रयास कर रही है. यदि उसे लगता है कि बन्दे की स्थिति मैदान में ठीक नहीं है, तो वह टिकिट काटने में ज़रा भी देर नहीं करती. चाहे कितना भी विरोध क्यों न हो. बीजेपी में मौजूदा सांसदों के टिकिट धड़ल्ले से काटे जा रहे हैं. 



अब बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के लिए शनिवार को 18वीं सूची जारी कर दी. इस सूची में सात राज्यों के 24 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं. पार्टी ने केंद्रीय मंत्री उमा भारती और रांची से पांच बार सांसद रहे राम टहल चौधरी समेत 10 मौजूदा सांसदों के टिकट काट दिए हैं.

बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा तय की गई सूची में हरियाणा से आठ, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से चार-चार, मध्य प्रदेश और झारखंड से तीन-तीन, पश्चिम बंगाल व ओडिशा से एक-एक उम्मीदवारों का नाम शामिल किया गया है. मध्य प्रदेश में ग्वालियर सीट से मौजूदा सांसद नरेंद्र सिंह तोमर की जगह विवेक शेजवाल्कर को टिकट दिया गया है. छिंदवाड़ा में मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ के सामने बीजेपी ने नत्थन शाह को मैदान में उतारा है, जबकि देवास लोकसभा सीट से महेंद्र सोलंकी को टिकट दिया गया है.

केंद्रीय मंत्री उमा भारती पहले ही लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर चुकी हैं. साल 2014 में उन्होंने झांसी लोकसभा सीट से चुनाव जीता था. इस बार बीजेपी ने उनकी जगह बैद्यनाथ ग्रुप के मालिक अनुराग शर्मा को टिकट दिया है.

बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में बांदा लोकसभा सीट से सांसद भैरों प्रसाद मिश्र का भी टिकट काट दिया है. उनकी जगह आर.के. पटेल को उम्मीदवार बनाया है. आरके सिंह पटेल बीजेपी में आने से पहले बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी में रह चुके हैं. वो मायावती सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं.



पार्टी ने लालगंज सीट पर नीलम सोनकर को एक बार फिर से चुनाव मैदान में उतारने का फैसला लिया है और फूलपुर से उपचुनाव हारने वाली केशरी देवी पटेल पर फिर भरोसा जताया है.

हरियाणा में भी 3 सांसदों को नहीं दिया टिकट
हरियाणा से तीन मौजूदा सांसदों के टिकट काटकर बीजेपी ने जिन 8 नाम घोषित किए हैं, उनमें से पांच इस बार फिर टिकट पाने में कामयाब रहे. बीजेपी की ताजी सूची के मुताबिक रतन लाल कटारिया को अंबाला, रमेश चंद्र कौशिक को सोनीपत, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को गुड़गांव, धर्मवीर सिंह को भिवानी-महेंद्रगढ़ और कृष्णपाल गुर्जर को फरीदाबाद को इस फिर से मौका दिया गया है.  

पार्टी ने इस बार करनाल से अश्विनी कुमार का टिकट काट दिया है और उनकी जगह संजय भाटिया पर भरोसा जताया है. कुरुक्षेत्र लोकसभा सीट से राजकुमार सैनी को टिकट न देकर उनकी जगह नायब सिंह और सिरसा से सुनीता दुग्गल की जगह चरणजीत सिंह रोरी को चुनाव मैदान में उतारने का निर्णय लिया गया है. राजकुमार सैनी ने BJP से बगावत कर अलग पार्टी बना ली थी.

राजस्थान में तीन सांसदों के टिकट काटे
इसके अलावा राजस्थान में भी तीन मौजूदा सांसदों के टिकट काटे गए हैं. वर्ष 2014 में पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह को हराने वाले कर्नल सोनाराम को भी इस बार टिकट नहीं मिला है. उनके स्थान पर कैलाश चौधरी को टिकट दिया गया है.

राजसमंद लोकसभा सीट से हारून सिंह के स्थान पर दीया कुमारी और भरतपुर लोकसभा सीट से बहादुर सिंह कोली की जगह रंजीता कोली को पार्टी का चेहरा बनाया गया है. करौली-ढोलापुर सीट से मनोज राजुरिया को एक बार फिर टिकट देकर उम्मीदवार बनाया गया है.

झारखंड में राम टहल चौधरी की बजाय संजय सेठ को बीजेपी का उम्मीदवार घोषित किया गया है. कोडरमा के मौजूदा सांसद रवींद्र कुमार राय को टिकट न देकर बीजेपी ने इस बार अन्नपूर्णा देवी यादव को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला लिया है.

वहीं, बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की पुरुलिया लोकसभा सीट से ज्योर्तिमय महतो और ओडिशा के जगतपुर लोकसभा सीट से बिभूति प्रसाद तराई को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारने का निर्णय लिया है.



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