जुबान से निकली बात वापिस भी हो जाती है, प्रज्ञा ने वापिस लिया बयान, BJP घिरी तो बताया निजी बयान, टिकिट पर पुनर्विचार की चर्चाएँ


मुंबई हमले के शहीद हेमंत करकरे को लेकर दिए भोपाल से बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के एक बयान के बाद बीजेपी घिरी तो उसने तत्काल निजी बयान बता दिया. कहा, बीजेपी का इससे कोई लेना देना नहीं, वहीं साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने भी देखा कि स्थिति बिगड़ रही है तो उन्होंने अपना बयान वापिस लेने की घोषणा कर दी. उन्होंने कहा, 'बयान वापिस लेती हूँ माफी मांगती हूँ.' लेकिन फिर भी मामला शांत होता नहीं दिख रहा है. साध्वी प्रज्ञा के टिकिट पर पार्टी पुनर्विचार कर रही है, जैसी चर्चाएँ भी चल निकली हैं. 

इतना ही नहीं बीजेपी को स्पष्टीकरण देना पड़ा है..


बीजेपी ने भोपाल से अपनी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के शहीद हेमंत करकरे को लेकर दिए आपत्तिजनक बयान से दूरी बना ली है. चुनाव आयोग द्वारा बयान का संज्ञान लेने और कांग्रेस द्वारा निशाना साधने के बाद बीजेपी ने बयान जारी कर कहा कि पार्टी ने हमेशा हेमंत करकरे को शहीद माना है. बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'बीजेपी का स्पष्ट मानना है कि स्वर्गीय हेमंत करकरे आतंकियों से बहादुरी से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए. बीजेपी ने हमेशा उन्हें शहीद माना है.' साध्वी के बयान की चुनाव आयोग जांच कर रहा है, वहीं बयान पर IPS एसोसिएशन ने भी नाराजगी जताई है. 

IPS एसोसिएशन ने भी जताई नाराजगी 
गुरुवार रात साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने भोपाल में मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने करकरे से कहा था कि तुम्हारा सर्वनाश होगा. इतना ही नहीं, प्रज्ञा ने कहा, 'वह (करकरे) तमाम सारे प्रश्न करता था. ऐसा क्यों हुआ, वैसा क्यों हुआ... यह उसकी कुटिलता थी. यह देशद्रोह था, यह धर्मविरुद्ध था.' इसके बाद IPS एसोसिएशन ने साध्वी के बयान को आपत्तिजनक करार देते हुए शहीदों का सम्मान करने को कहा. कांग्रेस ने भी बीजेपी पर निशाना साधते हुए प्रज्ञा के बयान की निंदा की. 

बीजेपी ने कहा, साध्वी का निजी बयान 
आज शुक्रवार शाम में बीजेपी ने बयान जारी कर कहा, 'जहां तक साध्वी प्रज्ञा के इस संदर्भ (हेमंत करकरे) में बयान का विषय है तो वह उनका निजी बयान है, जो वर्षों तक उन्हें हुई शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के कारण दिया गया होगा.' 

पीएम मोदी को देश से माफी मांगनी चाहिए -कांग्रेस
इससे पहले कांग्रेस ने शहीद के अपमान का आरोप लगाते हुए मांग की थी कि पीएम मोदी को देश से माफी मांगनी चाहिए. पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पीएम से मांग करते हुए कहा कि मुंबई आतंकी हमले से लेकर पुलवामा हमले तक के शहीदों के प्रति अगर जरा सा भी सम्मान है तो प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ निर्णायक कार्यवाही की जानी चाहिए. 

मराठी समाज में जबरदस्त गुस्सा
प्रज्ञा ठाकुर के बयान के बाद भोपाल में भाजपा को मराठी वोट मिलने की उम्मीद छोड़ देना चाहिए. शहीद हेमंत करकरे के अपमान से मराठी समाज में जबरदस्त गुस्सा का माहौल बन गया है. 

इसके अलावा भी प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर भोपाल में जबरदस्त नाराजगी का माहौल है. प्रज्ञा ठाकुर के दावे कि उसके श्राप से वीर करकरे की मौत हुई. इसका मतलब प्रज्ञा के श्राप के कारण ही मुम्बई की आतंकवादी घटना घटित हुई, और जिसके कारण शहीद करकरे के साथ सैंकड़ों निर्दोष लोगों को अपनी जान देनी पड़ी थी? 
देखिये VIDEO क्या कहा है साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने - 



लोग लिख रहे हैं- यानि पाकिस्तानी आतंकवादी और प्रज्ञा दोनों को आतंकवाद में पूर्ण विश्वास है. नफरत में जीने वाले स्त्री हों या पुरुष, क्या से क्या बन जाते हैं. यदि यही हाल रहा तो हमारे देश को पाकिस्तान बनने से कोई नहीं रोक सकता. एक नागरिक होने की हैसियत से मैं बीजेपी से अपील करती हूं प्रज्ञा से तुरन्त अपना टिकट वापस लेने की घोषणा करें. 

शहीद हेमंत करकरे पर गलत बयान देकर भले ही वापिस लेने की घोषणा कर दी गई हो, लेकिन लोग लिख रहे हैं ऐसा होता है क्या? गलत बयान से प्रज्ञा ने भाजपा की जम कर फजीहत करा दी है. यहाँ तक कि बताया जाने लगा है कि बीजेपी प्रज्ञा के टिकट पर पुनर्विचार कर रही है, हो भी सकता है.  

खबर है कि भोपाल में भाजपा की प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर द्वारा शहीद हेमंत करकरे के बारे में बेहद अपमानजनक भाषा का उपयोग करने के बाद देश दुनिया में भाजपा की जमकर फजीहत हो रही है. भोपाल से वरिष्ठ पत्रकार श्री रविन्द्र जैन सर की मानें तो भाजपा टिकट वापसी पर विचार करने लगी है. इसी बीच आनन फानन में प्रज्ञा ठाकुर ने अपना बयान वापस ले लिया है. लेकिन इसके बाद भी भाजपा प्रज्ञा ठाकुर को लड़ाने या न लड़ाने पर पुनर्विचार कर रही है.  


ये भोपाल से युवा पत्रकार ममता यादव जी के यह विचार हैं साध्वी प्रज्ञा के बयान सॉरी 'श्राप 'पर 

सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. श्री Parshuram Tiwari जी लिख रहे हैं 'प्रज्ञा ठाकुर का दावा है कि उसके श्राप से वीर करकरे की मौत हुई। इसका मतलब प्रज्ञा के श्राप के कारण ही मुम्बई की आतंकवादी घटना घटित हुई, और जिसके कारण शहीद करकरे के साथ सैंकड़ों निर्दोष लोगों को अपनी जान देनी पड़ी थी? यानि पाकिस्तानी आतंकवादी और प्रज्ञा दोनों को आतंकवाद में पूर्ण विश्वास है। नफरत में जीने वाले स्त्री हों या पुरुष क्या से क्या बन जाते हैं। यदि यही हाल रहा तो हमारे देश को पाकिस्तान बनने से कोई नहीं रोक सकता। एक नागरिक होने की हैसियत से मैं बीजेपी से अपील करती हूं प्रज्ञा से तुरन्त अपना टिकट वापस लेने की घोषणा करें।'  

श्री Ravindra Jain Kala जी सवाल उठा रहे हैं - थूक तो दिया अब चाटने से बदलेगा क्या ??


श्री Lokmitra Gautam जी का मानना है 'भाजपा अंत तक अपने इस निर्णय का बचाव नहीं कर पाएगी. पछताना पड़ेगा...'

श्री Shailesh Shukla जी का कहना है 'अगली बार सेना नहीं साध्वी जी को देश की सीमा पर तैनात कर दिया जाना चाहिए.... जब उनके श्राप में इतनी शक्ति है कि हेमंत करकरे जैसा शहीद और देशभक्त मारा जा सकता है तो फिर सीमा पार के आतंकियों पर तो उनका वार होगा ही....'

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