काँग्रेस को कोसकर चले गये मोदी


''हम डरने वाले नहीं डटने वाले हैं. डरने और झुकने का काम तो काँग्रेस का है. पिछले पाँच साल में तीसरी बार रुद्रपुर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज चुनावी संखनाद रैली में कहा कि हरीश रावत वही नेता हैं, जो दिल्ली दरबार में हाजिरी लगाते रहे. उनकी सरकार राहत घोटाला, आबकारी और खनन घोटालों में लिप्त रही.'' 
आकाश नागर 

अपने भाषण की शुरुआत पहाड़ी भाषा में करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों को अपमानित किया गया और देश के सेनानायक को काँग्रेस ने अपशब्द कहे. मोदी का भाषण ज्यादातर काँग्रेस को कोसने और सैनिकों पर केन्द्रित रहा. उन्होने कहा कि उत्तराखंड का पाचवां धाम सैनिक धाम है. 

उन्होंने जनता से सवाल किया कि क्या हमें आतंकवाद के खिलाफ बात नहीं करनी चाहिए, क्या मोदी चुप बैठ जाएगा? राफेल प्रकरण पर उन्होने कहा कि इन विमानों को खरीदने की प्रकिया अटल जी ने की, लेकिन काँग्रेस उन सौदों पर कुंडली मारकर बैठ गयी, क्योंकि उसे मलाई नहीं मिली. हमारी सरकार ने इस काम को आगे बढाया. 

चौकाने वाली बात यह रही कि पिछली रैली के मुकाबले इस बार आई भीड़ कम थी, जबकि आयोजकों ने एक लाख लोगों को लाने का लक्ष्य रखा था. भीड़ का अधिकतर हिस्सा मोदी के भाषण के शुरु होने के कुछ देर बाद ही जाने लगा, जबकि पिछली बार रैली में आये लोग मोदी के इंतजार में बारिश के दौरान भी शाम पाँच बजे तक मैदान में डटे रहे थे. 

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News Digital India 18

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