भगवान है हर जगह मौजूद, मां को प्रणाम




''आज रास्ते से जा रहा था कि मेरी नजर एक बुजुर्ग महिला पर पड़ी, जो जुते पालिश का काम कर रही थी. उम्र कुछ 65-70 की...''



- हरिओम श्रीवास्तव    


मैने पूछा- 'माई इस उम्र में यह काम क्यों कर रहे हो, आप बुजुर्ग हो आराम करो.'

माई उदास होकर बोली- 'बेटा क्या करें, हमने सपने तो बहुत देखे थे, लेकिन बेटों ने घर से निकाल दिया.. मेरे पति अब बहुत बूढ़े हो चुके हैं, वो भी अभी रोडवेज के उस किनारे बैठे हैं.... जब तक हमसे बनेगा, तब तक करेंगे बाकी उपर वाले की मर्जी...'  

मैंने पूछा- 'लेकिन माई आपके बेटों ने आपके साथ ऐसा क्यूँ किया?'

माई बोली- 'बेटा बहुत ख्वाब देखे थे, हर प्रकार से उनकी मदद की और अच्छे से अच्छे स्कूल में पढ़ाया. एक बेटे ने विदेश में पढ़ाई करने के बाद लव मैरिज कर ली और एक शराब का आदी हो गया. हमे घर से निकाल दिया.'



माई आपके दर्द को समझ सकता हूँ, आप यह मेरे 100/- रख लो. 

माई ने कहा- 'किस लिए ?'

मैंने कहा- 'भगवान खुद धरती पर नहीं आ सकता, इसलिए मां को भेजा है.' 

शर्म आनी चाहिए आपके बेटों को, जो आपको इस हालत में छोड़ दिया, लेकिन आप कोई भीख नहीं मांग रहे, बल्कि मेहनत से कमा रहे हो. जब भी आपको किसी चीज की जरूरत हो तो मुझे अपना बेटा समझकर बुला लेना और मेरे जैसे हजारों लोग आपके साथ हैं. 

माई रोने लग गई. कहने लगी- 'भगवान किसी ने किसी को जरूर भेजते हैं, जो सगे बेटे तो नहीं, पर उनसे बढ़कर होते हैं. मेरा आशीर्वाद हमेशा तुम्हारे साथ है.' 




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