राजनेता चुनावी मोड में हैं और देश की जनता इनकी बातों से स्तब्ध, बात 'शराब' और उसके बाद के 'नशा' की

 

''राजनेता चुनावी मोड में हैं और देश की जनता इनकी बातों से स्तब्ध.  दरअसल, उत्तर प्रदेश में सपा+बसपा व अन्य को मिलाकर एक ऐसा राजनीतिक समीकरण बन गया है, जिसमें 69% वोट हैं और इसमें से कोई भी वोटर बीजेपी के पक्ष में जाने को तैयार नहीं है. बताया जा रहा है मोदीजी इस समीकरण को समझ गये हैं, इसलिए अब मोदी जी इन लोगों को शराबी एवं नशेड़ी बता रहे हैं.'' 

आज गुरुवार से लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सपा, रालोद और बसपा पर करारा हमला बोलते हुए उत्तर प्रदेश के मेरठ में कहा कि समाजवादी पार्टी के 'स', राष्ट्रीय लोकदल का 'रा' और बहुजन समाजवादी पार्टी 'ब' से 'शराब' बनती है, जो सेहत और देश दोनों के लिए खतरनाक है, तो सपा ने भी नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी को नशा करार दिया है. 

मेरठ की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सपा-रालोद-बसपा गठबंधन को शराब कहे जाने को लेकर सियासत गरमा गई है. पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री को सराब और शराब का अंतर बताया और अब सपा ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी को नशा करार दिया है. 

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से विपक्षी दलों के गठबंधन को 'सराब' बताए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई. सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार लोकतंत्र की मर्यादा का हनन करते हुए विपक्षी दलों के लिए गालियों का प्रयोग करते हैं. रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि लोकतांत्रिक दलों के गठबंधन को 'सराब' बताना प्रजातांत्रिक मूल्यों के साथ खिलवाड़ है. इसके साथ ही सुरजेवाला ने कहा था सत्ता और अहंकार का नशा है जो शराब के नशे से भी ज्यादा होता है.

राजद ने भी ट्वीट कर बताया कि 'पांच साल में 'स' और 'श' का अंतर नहीं सीखा! हम सिखाते हैं. शाह (अमित शाह) का 'श', राजनाथ (राजनाथ सिंह) का 'र' और बीजेपी का 'ब'! बन गया शराबबंदी में धड़ल्ले से बिकता गुजराती शराब!'

इसी के साथ लोग सोशल मीडिया पर ख़ास कर प्रधानमन्त्री मोदी की टिप्पणी को लेकर बात कर रहे हैं. एक यूजर श्री प्रकाश गोविन्द जी बता रहे हैं आखिर क्यों मोदी जी आज उत्तर प्रदेश की जनता को नशेडी़ बता गए? दरअसल, उत्तर प्रदेश में सपा+बसपा व अन्य को मिलाकर एक ऐसा राजनीतिक समीकरण बन गया है, जिसमें 69% वोट हैं और इसमें से कोई भी वोटर बीजेपी के पक्ष में जाने को तैयार नहीं है. बताया जा रहा है मोदीजी इस समीकरण को समझ गये हैं, इसलिए अब मोदी जी इन लोगों को शराबी एवं नशेड़ी बता रहे हैं. 

Share on Google Plus

News Digital India 18

पाठकों के सुझाव सदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है ..

0 comments:

Post a comment

abc abc