नारी कमजोर नहीं, जो झुक जायेगी ..




अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च पर विशेष 

'यस्य पूज्यंते नार्यस्तु तत्र रमन्ते देवता:' 

अर्थात्, जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं.

आज की नारी इतनी कमजोर
नहीं जो झुक जायेगी।

करो चाहे पुरजोर जतन तुम, 
नहीं वो रुक पायेगी।

दिल की सुंदरता कब भला,
तेजाब से खत्म हो पायेगी।

शक्ति रूप है नारी ,नही 
मोंम जो पिघल जायेगी।

बंद करो तुम अब 
जिस्मो का व्यापार चलाना।

नारी कोई वस्तु नहीं जो 
बाजार में बिक जायेगी।

कब तक करोगे अब आनाकानी,
खत्म करो ये मनमानी।

तस्वीर देश की अब बदलेगी,
अब ना नारी जुल्म सहेगी।

कोई निर्भया अब ना मरेगी,
प्रचंड रूप चंडी का धरेगी।

दुष्टो के सर की भेंट चढ़ेगी,
अब घुँघट की ओट हटेगी।

जा सीमा पर युद्ध लड़ेगी,
अब ना नारी कमजोर बनेगी।

उड़ा वायु यान,अब (कल्पना)
अंतरिक्ष की सैर करेगी।

कल तक थी जो बंद घरों में,
आज संसद का रुख करेगी।

खत्म करो अपनी राजनीति 
अब नारी तुम पर राज करेगी।

इंदिरा गांधी,प्रतिमासिंह ,कल्पना चावला ,
सानिया मिर्जा, सानिया नेहवाल,
गीता बबिता फोगोट भी नारी ही थी।

और कितने नाम सुनोगे,
नहीं कमजोर जो जुल्म सहेगी।।




- संध्या चतुर्वेदी
अहमदाबाद, गुजरात









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