बालिका आश्रमों और छात्रावासों में यौन शोषण महिलाओं की भी हिस्सेदारी, बागड़ खा रही खेत



''कहते हैं जब बागड़ ही खेत खाने लगे तो फसल की रक्षा कौन कर सकता है? यह कहावत इन दिनों प्रदेश की कतिपय सामाजिक संस्थसअसें पर चरितार्थ हो रही है, जहां बालिका आश्रमों और छात्रावासों में यौन शोषण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इनमें बाकायदा महिलाओं की भी हिस्सेदारी सामने आ रही है, जो अधिक पीड़ादायक है।'' 
- संजय सक्सेना    

दो दिन पहले प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा में कुंदन वेलफेयर आर्गेनाइजेशन द्वारा प्रतापनगर में संचालित कुंदन कुटीर बालिका गृह में बालिकाओं के साथ यौन शोषण और मारपीट का मामला सामने आया है। यह खुलासा 24 जनवरी की सुबह बाथरूम की खिड़की तोड़कर भागी बालिकाओं ने मजिस्ट्रियल जांच में किया। रिपोर्ट मिलने के बाद बुधवार को पुलिस ने बालिका गृह की संस्थापिका, पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान बाल कल्याण समिति अध्यक्ष डॉ. रचना भारतीय, उनके पति ओमप्रकाश भारतीय, वर्तमान अध्यक्ष संजय जैन, सचिव दिलीप बरैया को गिरफ्तार किया गया। ज्यादा आश्चर्य की बात यह है कि इस शोषण में वर्तमान बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष न केवल शामिल थीं, अपितु पूरा संरक्षण दे रही थीं। उनके पति इनमें शामिल रहे। 

सामने आई खबर के अनुसार बालिकागृह की पूर्व अध्यक्ष डॉ. भारतीय शराब पीकर बालिकाओं से अभद्र व्यवहार और मारपीट करती थीं। उनके पति ओमप्रकाश भारतीय बालिकाओं का यौन शोषण करते थे। बालिकाओं का मेडिकल कराया गया है। एक लड़की पहले से गर्भवती है। वह छत्तीसगढ़ के लड़के के साथ भागी थी, जो उसे छोड़ गया। कलेक्टर रुचिका चौहान के अनुसार यह बात जांच में सामने आई है। फिलहाल बालिका गृह को सील कर रिकॉर्ड जब्त कर लिया है। 

एक साल पहले बाल कल्याण समिति अध्यक्ष बनने के बाद डॉ. भारतीय ने बालिका गृह के अध्यक्ष का पद छोड़ दिया था, लेकिन बालिकाओं कहना है कि बालिका गृह की सारी व्यवस्थाएं वही किया करती थी। इस मामले में सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास तथा पूर्व जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी रवींद्र मिश्रा को निलंबित करने के लिए प्रस्ताव संभागायुक्त को भेज दिया है। डेढ़ माह पहले तक बालिका गृह का दायित्व इन्हीं के पास था और माना जा रहा है कि यौन शोषण में इनकी मिलीभगत रही। 

मुख्य आरोपी वर्तमान में जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष डॉ. रचना भारतीय ही कुंदन वेल्फेयर आर्गेनाइजेशन व इसके मार्फत संचालित कुंदन कुटीर बालिकागृह की संस्थापिका हैं। यहां से जो बालिकाएं भागीं उनकी जानकारी भी छिपाने का आरोप है। संस्था के मौजूदा अध्यक्ष संदेश जैन को सहयोगी आरोपी बनाया है। वह भाजपा नेता है। इनका स्टोन क्रेशर है। संदेश जैन का कहना है कि हम तो मैडम जहां कहती थी, वहां हस्ताक्षर कर देते थे। लड़कियों के साथ यौन शोषण का मुख्य आरोपी ओमप्रकाश उर्फ राजू भारतीय ही है। वह भारतीय बाल कल्याण समिति अध्यक्ष डॉ. रचना का पति है। ओमप्रकाश के पिता कुंदनमल भारतीय कांग्रेस नेता एवं नपाध्यक्ष रह चुके हैं। अभी ओमप्रकाश ब्याज पर पैसे देने का काम करता है। दिलीप बरैया संस्था के सचिव है। वह आरएसएस के कार्यकर्ता, भाजयुमो के पूर्व मंडल अध्यक्ष भी रहे। दिलीप नगर के मीसाबंदी राजमल बरैया के पुत्र है। उनकी ज्वैलरी शॉप है। ये भी सहयोगी आरोपी है। संस्था के संचालन व हिसाब-किताब के मामले इन्हीं के हस्ताक्षर से संपन्न हो रहे थे, हालांकि यौन शोषण में उनका नाम शामिल नहीं है। 

प्रारंभिक जांच में तो यौन शोषण की बात सामने आई है, बाकी विस्तृत जांच अभी होना है। लेकिन सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि जो संस्थाएं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं, लेकिन वहीं उनके साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है। यौन शोषण के कई मामले पहले भी इस तरह के आश्रय गृहों और छात्रावासों में सामने आ चुके हैं। 

होशंगाबाद और यहां तक कि राजधानी भोपाल में भी ऐसे मामले उजागर हुए हैं, जिनकी जांच शुरू की गई, क्या हुआ, आज तक पता नहीं। सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि जो विभाग इसके लिए जिम्मेदार होता है, उसके अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कुछ जगह अवश्य निलंबित किया गया, लेकिन बाद में बहाली हो गई। जो सीधे आरोपी हैं, उनमें तो फांसी की सजा तय होना चाहिए और जो सहयोगी भी पाए जाएं, उन्हें भी कम से कम उम्रकैद तो हो, ताकि और लोगों को सबक मिल सके।

Share on Google Plus

News Digital India 18

पाठकों के सुझाव सदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है ..

0 comments:

Post a Comment

abc abc