'दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा' डॉयलाग अब पुराना, जिम्मेदारी लेना सीखिए साहेब


''कमलनाथ जी मध्यप्रदेश में अब सरकार आपकी है. और अभी अभी नहीं बनी है. घटना के लिए जिम्मेदारी लेना सीखिए. 'दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा', यह डॉयलाग अब पुराना हो गया है. आतंकवादी घटना पर 10 दिन से यही मोदी जी भी कह रहे हैं. और पूरे 5 साल तक सत्ता में रहने के बाद आज भी मोदी जी कांग्रेस की पूर्व सरकार का रोना रो रहे हैं. आप भी कहीं अपनी नाकामियाँ इसी तरह ढकने का काम करना चाह रहे हैं क्या?'' 
- चित्रांश    

मध्यप्रदेश के चित्रकूट में किडनैपिंग के बाद जुड़वा भाइयों की हत्या मामले में आरोपियों के पकड़े जाने के बाद बाइक में लगी नंबर प्लेट में नंबर की जगह राम राज्य लिखा होने और बरामद कार यूपी की में बीजेपी का झंडा लगा होने के बाद से राजनीति तेज हो गई है. हत्या में जहाँ कांग्रेस, बीजेपी नेताओं के शामिल होने को शर्मनाक बता रही है, वहीं बीजेपी कांग्रेस सरकार पर तबादलों में लगे रहने के लिए दोषी ठहरा रही है. सीएम कमलनाथ ने विपक्ष पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग इस घटना में शामिल हैं और इसीलिए विपक्ष डरा हुआ है.

कमलनाथ ने कहा, 'गाड़ी में किसका झंडा लगा था, यह सामने आ गया है. इस घटना के पीछे जरूर कोई राजनीति है. अपराधी कहां से आ रहे थे? इसके पीछे किसका हाथ है...? विपक्ष डरा हुआ है, क्योंकि उनके लोग इसमें शामिल हैं. जल्द ही सब साफ हो जाएगा. मैंने बच्चों के पिता ब्रजेश रावत से फोन पर बात की है. मुझे इस घटना का बहुत दुख है. वारदात में शामिल दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.'

नंबर की जगह राम राज्य ने गरमा दी राजनीति
कांग्रेस प्रवक्ता श्रीमती शोभा ओझा का कहना है कि मध्यप्रदेश में पिछले 15 वर्ष बीजेपी की सरकार रही और उस दौरान अपराधियों, गुंडों और बदमाशों को भाजपा सरकार ने न सिर्फ खुलकर समर्थन किया, बल्कि वे सभी बदमाश भाजपा, बजरंगदल और आरएसएस में शामिल होते चले गए. आज सरकार बदलने पर सच्चाई सामने आ रही है. प्रदेश में होने वाली हर आपराधिक मामलों में कहीं न कहीं से बीजेपी समर्थित अथवा आरएसएस और उसके आनुषांगिक संगठनों के नेताओं और समर्थकों के नाम सामने आ रहे हैं, जो बेहद शर्मनाक है. 

उन्होंने कहा कि चित्रकूट के इस अपहरण और हत्या के मामले में भी बजरंगदल के कार्यकर्ता पद्म शुक्ला का नाम आया है जो इस घटना का मास्टरमाइंड है. पद्म शुक्ला भाजपा नेताओं का करीबी माना जाता है. अपहरण में जो बोलेरो गाड़ी इस्तेमाल हुई है उसमें बीजेपी का झंडा लगा हुआ था. इससे साफ है कि चित्रकूट के मासूम हत्याकांड में भी बीजेपी के नेताओं का हाथ है.

'वक्त है बदलाव का' का मतलब केवल ट्रांसफर नहीं होता
वहीं, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बच्चों की मौत पर शोक व्यक्त किया है. घटना पर हैरानगी जाहिर करते हुए उन्होंने सरकार पर गंभीर नहीं रहने का आरोप लगाया है. इधर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने घटना के लिए कमलनाथ सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने गृहमंत्री से इस्तीफे की मांग भी की है. श्री भार्गव का कहना है कि सरकार तबादलों में लगी हुई है और अपराधियों के हौंसले बढ़ रहे हैं. 

घटना यह है 
दोनों भाइयों (प्रियांश और श्रेयांश) को स्कूल बस के अंदर से 12 फरवरी को किडनैप किया गया था. जानकारी मिल रही है कि अपहरणकर्ताओं ने बच्चों के पिता से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी. बच्चों के पिता उन्हें 25 लाख रुपये दे भी चुके थे, लेकिन शनिवार रात बच्चों के शव उत्तर प्रदेश के बांदा में बबेरू इलाके के पास यमुना नदी में मिले. पुलिस का कहना है कि दोनों भाइयों की 21 फरवरी को ही हत्या कर दी गई थी. 

सवाल यह है 
आज मध्यप्रदेश में कमलनाथ जी सरकार आपकी है. और अभी अभी नहीं बनी है. सोचिये जुड़वां भाइयों के माँ बाप पर क्या बीत रही होगी? आखिर 12 दिन तक आप और आपकी पुलिस क्या कर रही थी? यदि आपकी सरकार गंभीर होती, आपकी पुलिस सक्रीय होती तो क्या मासूमों की जान नहीं बचाई जा सकती थी? निश्चित रूप से बचाई जा सकती थी. मुल्जिमों को पकड़ा जा सकता था. घटना के लिए जिम्मेदारी लेना सीखिए. 'दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा', यह डॉयलाग अब पुराना हो गया है. आतंकवादी घटना पर 10 दिन से यही मोदी जी भी कह रहे हैं. और पूरे 5 साल तक सत्ता में रहने के बाद आज भी मोदी जी कांग्रेस की पूर्व सरकार का रोना रो रहे हैं. आप भी कहीं अपनी नाकामियाँ इसी तरह ढकने का काम करना चाह रहे हैं क्या? 

क्या यह सच नहीं कि 'वक्त है बदलाव का' का मतलब केवल ट्रांसफर नहीं होता. और यह काम भी आप ठीक से नहीं कर सके. बजह है आपने अपने निकट उन लोगों को रखा ही नहीं जो वास्तव में बदलाव ला सकते थे. गंभीरता से सोचिये आज भी वही लोग सरकार चला रहे हैं, जो कि आपसे पूर्व की सरकार में चला रहे थे. ऐसा ही रहेगा तो कहा जा सकता है आप भी ठीक मोदी जी की तरह 2023 में बीजेपी की सरकार को कोसते नजर आने वाले हैं. और तब तक चिड़िया चुग गई खेत वाली बात हो जायेगी... या फिर केजरीवाल साहेब की बात सच मानें कि ''सब मिले हुए हैं जी''


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