कचैड़ा में अर्धनग्न भूख हड़ताल, राज्यसभा में गूंजा किसान आंदोलन केंद्रीय मंत्री से वार्ता का दौर शुरू




''एक तरफ देश में शीतलहर का प्रकोप है लोग घरों में दुबक रहे हैं हाडकपाऊ ठंड से बचने के लिए घरो से बाहर नहीं निकल रहे हैं ।ऐसे में कचैड़ा के किसान आंदोलन में नेतृत्व कारी धीरज नागर ने अपने साथी इंद्राज सिंह के साथ आज अर्धनग्न अवस्था में भूख हड़ताल कर  धरना स्थल पर आंदोलन को गर्मी दे दी । ऐसे माहौल में जब देश की दो सर्वोच्च संस्थाएं लोकसभा और राज्यसभा में किसानों की आवाज हमारे जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई जा रही है इस समय पर कचैडा गांव का किसान आंदोलन अति महत्वपूर्ण हो जाता है । ''
- आकाश नागर की रिपोर्ट    

आज गौतम बुद्ध नगर के राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर ने राज्यसभा में कचैडा गांव के किसानों के साथ प्रशासन द्वारा किए गए लाठीचार्ज और जेल भेजने साथ ही उनकी हरी फसल को उजाड़ने और उचित मुआवजा न मिलने पर न केवल रोष प्रकट किया बल्कि सरकार पर आरोप लगाया कि वह वेव सिटी जैसे बिल्डरों को सह देकर किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है । नागर ने राज्यसभा मे कचैडा के साथ ही नोएडा और जेवर एयरपोर्ट के मुददे पर सरकार की घेराबंदी की । 


आज भूख हड़ताल का चौथा दिन है सुबह से ही जैसे धरना स्थल पर धीरज नेताजी और इंद्राज सिंह अर्धनग्न अवस्था में भूख हड़ताल पर बैठे तो आसपास के ग्रामीणों में सरकार के प्रति गहरा आक्रोश उत्पन्न हो गया । महिला धरने पर बैठी सैकड़ों माता बहने भावनात्मक हो गयी ।  इस मुद्दे पर महिला और पुरुषों का आक्रोष के साथ ही सरकार के प्रति विरोध तेज होता जा रहा है ।  आज सुबह से ही धरना स्थल पर लोगों का तांता लगा रहा । 

गौरतलब है कि नव वर्ष की पूर्व संध्या पर कचैड़ा गांव में भूख हड़ताल शुरू की गई थी । जिसे आज चौथा दिन है । भूख हड़ताल पर सबसे पहले धीरज नागर, आकाश नागर ,कैलाश नागर, पर्व नागर और एक 5 साल का बच्चा लव नागर बैठे थे। उसके बाद अगले दिन अनिल नागर, संतराम नागर, धीरज नागर, रकम सिंह बावाजी ,बिटटू नागर , अमित नागर , राम पाल नागर धरने पर बैठे।  अगले दिन कैलाश नगर,  जीतू नगर, राहुल नागर बाली राम पुत्र गोकल चंद धरने पर बैठे । 

भूख हड़ताल के चौथे दिन अर्धनग्न अवस्था में बैठे किसानों का कहना है कि देश में जब अन्नदाता के साथ अन्याय होता है तो हर घर में रोटी पकाने तक के लाले पड़ जाते हैं ।  वह अन्नदाता ही है जो आज लोगों के लिए रोजी रोटी का साधन बन गया है । ऐसे में सरकार को कचैड़ा के किसान आंदोलन की तरफ ध्यान देने की जरूरत है।  दूसरी तरफ स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ महेश शर्मा ने आज गांव के दर्जनों लोगो को अपने कैलाश हॉस्पिटल स्थित कार्यालय पर वार्ता के लिए बुलाया  । 

केंद्रीय मंत्री डॉ महेश शर्मा चाहते हैं कि कचैड़ा के किसान और वेब सिटी के प्रबंधकों के बीच वार्ता हो और समस्याओं का समाधान हो । अब देखना यह है कि केंद्रीय मंत्री डॉ महेश शर्मा अपने इस अभियान में कितना सफल होते हैं ? याद रहे कि कचैडा गांव में आक्रोशित किसानों ने भारतीय जनता पार्टी को प्रतिबंधित कर रखा है बकायदा गांव में भाजपा के आने पर रोक लगाने का बोर्ड लगा दिया गया है।

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