राफेल पर बबाल, कांग्रेस ने कहा 'कोर्ट को गुमराह करने के लिए मोदी देश से माफी मांगें'


'राफेल' को लेकर कांग्रेस और भाजपा, दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर हमलावर हो गई हैं. दोनों ही एक-दूसरे से माफी मांगने की बात कह रही हैं. पांच राज्यों के चुनावी नतीजे आने के बाद शांत बैठी भाजपा शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एकाएक आक्रामक मुद्रा में आ गई. संसद और इसके बाहर भाजपा के मंत्री-संतरी सब, माफी-माफी चिल्लाने लगे कि राफेल पर झूठ बोलने के लिए राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए.

कांग्रेस ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में गलत तथ्य पेश कर उसे गुमराह करने का प्रयास किया है, इसलिए अब भाजपा नेताओं को देश से माफी मांगनी चाहिए. शनिवार को कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल ने तो गृहमंत्री राजनाथ सिंह का नाम लेकर कहा समय आएगा जब राफेल पर वे माफी मांगेंगे.

कपिल सिब्बल ने कहा है कि कोर्ट का फैसला आते ही सारे भाजपाई घर से बाहर निकल पड़े. इससे पहले वे दुबके से बैठे हुए थे. पांच राज्यों के चुनावी नतीजे आने के बाद भाजपा खेमा पूरी तरह शांत था. इस बीच राफेल पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही भाजपा संसद से लेकर सड़क तक कांग्रेस पार्टी पर हमलावर हो गई. वित्त मंत्री अरुण जेटली, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, विधि एवं न्यायिक मामलों के मंत्री रविशंकर प्रसाद और दूसरे कई मंत्री एवं पार्टी पदाधिकारी एक स्वर में बोलने लगे कि राहुल गांधी माफी मांगें. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने तो प्रेस वार्ता कर राफेल मामले में क्लीन चिट मिलने की बात कह दी. उन्होंने कहा राहुल गांधी ने राफेल पर झूठ बोला है, इसलिए अब उन्हें माफी मांगनी चाहिए. 

हालांकि राहुल गांधी ने शुक्रवार शाम को ही कह दिया था कि सरकार ने राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया है. इसके लिए मोदी और भाजपा को माफी मांगनी चाहिए. आज शनिवार सुबह पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (पीएसी) के चेयरमैन मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा राफेल के मामले में पीएसी के पास तो कोई रिपोर्ट आई ही नहीं. हमने महान्यायवादी (एजी) और कैग को पीएसी के समक्ष पेश होने के लिए बुलाया है. उनसे पूछा जाएगा कि उन्होंने यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में किस आधार पर दी है और ये कैसे कह दिया कि रिपोर्ट को पीएसी ने देखा है. उन्होंने कहा सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करने के लिए भाजपा सरकार को माफी मांगनी होगी. 

इधर कपिल सिब्बल ने कहा कोर्ट ने सरकार द्वारा पेश किए गए गलत एवं झूठे तथ्यों के आधार पर फैसला दिया है. इसके लिए सरकार जिम्मेदार है. मोदी को देश से माफी मांगनी चाहिए.

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