'समृद्धशाली मध्यप्रदेश' के वित्त मंत्री ने कहा 'हमने खजाना खाली छोड़ा है, कर्जमाफी की तो विकास के सारे काम बंद हो जाएंगे'


कमलनाथ ने कहा  'सरकार बनने के 10 दिन में कर्ज माफ़ कर देंगे'

''मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार जहाँ पूरे समय दंभ भरती रही कि हमने बीमारू प्रदेश को समृद्ध बना दिया है. वहीं आज शिवराज सरकार के वित्तमंत्री रहे जयंत मलैया कह रहे हैं कि हमने खजाना खाली करके सत्ता छोड़ी है, ऐसे में कर्ज माफी की गई तो विकास के सारे काम बंद हो जाएंगे. यहाँ तक कि वेतन देने तक के लाले पड़ जायेंगे.''

''हार के बाद शिवराज सरकार के सहयोगियों ने मुखर होकर अपनी ज़िम्मेदारी से पलड़ा झाड़कर, जो बयानबाजी की है, उसे देख कर कहा जा सकता है कि ये जिम्मेदार 'खिसियानी बिल्ली खम्बा नोचे' वाली कहावत चरितार्थ कर रहे हैं. जहां पूर्व मंत्री आर्य का कहना है कि शिवराज के "माई के लाल" वाले बयान से भाजपा को काफी नुकसान हुआ तो अर्चना चिटनीस अपनी आभार सभा में खुले आम मतदाताओं को धमकी देती नजर आईं कि जिसने वोट नहीं दिया उसे देख लूंगी. अब पूर्व वित्तमंत्री जयंतमलैया ने हास्यास्पद बयान दिया है कि हमने खजाना खाली करके सत्ता छोड़ी है ऐसे में कर्ज माफी की गई तो विकास के सारे काम बंद हो जाएंगे. यहाँ तक कि वेतन देने तक के लाले पड़ जायेंगे.''  

प्रदेश के वित्तमंत्री जयंत मलैया ने कहा है कि 15 साल पहले कांग्रेस ने जिस हालत में खजाना हमें सौंपा था, हमने भी उसे वैसी ही स्थिति में कांग्रस को लौटा दिया है. मलैया ने कहा कि मध्यप्रदेश एक लाख 65 हजार करोड़ रुपए के कर्ज में है और करीब दो हजार करोड़ रुपए का ओवर ड्रॉफ्ट है. यदि कर्ज माफी होती है तो विकास के सारे काम बंद हो जाएंगे. 

उन्होंने कहा है मध्यप्रदेश पर राष्ट्रीयकृत बैंकों का 34 से 36 हजार करोड़ रुपए का कर्ज बाकी है. ऐसे में कांग्रेस किसानों का कर्ज माफ करती है तो प्रदेश के लिए आर्थिक संकट पैदा हो जाएगा. यहाँ तक कि इस कदम से प्रदेश के खजाने की स्थिति गंभीर हो जाएगी और कर्मचारियों को वेतन देने तक के लाले पड़ जाएंगे.

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस अपने वादे पर कायम है, वह अपने वादे के मुताबिक किसानों का कर्ज माफ करने जा रही है. मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे कमलनाथ ने कहा है कि  'सरकार बनने के 10 दिन में कर्ज माफ़ कर देंगे.' किसानों के कर्ज माफ़ करने को लेकर शासन स्तर पर कवायद भी शुरू हो गई है. इस संबंध में बैंकों से कर्जमाफी का ब्योरा मांगा गया है. किसानों पर जो कर्ज है, वह सहकारी बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक, ग्रामीण विकास बैंक और निजी बैंकों का है. 

सहकारिता विभाग के अधिकारियों के अनुसार 40.96 लाख किसानों पर 56 हजार करोड़ का कर्ज होने का अनुमान है. कर्जमाफी के ब्लूप्रिंट में 2 लाख तक का कर्जा माफ करने की योजना है. कर्जमाफी के दायरे में सहकारी और राष्ट्रीयकृत बैंक दोनों आएंगे. कर्जमाफी का फायदा ओवरड्यू और समय पर लेनदेन करने वाले किसानों को कर्ज खाते में वर्तमान कर्जराशि के आधार पर माफी मिलेगी. कर्जमाफी से राज्य पर करीब 60 हजार करोड़ रुपए का वित्तीय भर आएगा. कर्जमाफी के ब्लूप्रिंट में माफी के लिए राशि कहाँ से जुटाई जायेगी, इस बात को भी लिया गया है. 

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