सुषमा के बाद उमा भारती का लोकसभा चुनाव 2019 नहीं लड़ने का फैसला


''विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के बाद अब केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने भी 2019 के लोकसभा चुनाव में नहीं उतरने का फैसला किया है. बीजेपी की फायर ब्रांड नेता उमा भारती ने कहा कि चुनाव लड़ने की जगह वह अगले डेढ़ साल तक अपना पूरा ध्यान राम मंदिर निर्माण और गंगा की सफाई पर लगाएंगी.'' 

उमा भारती ने भोपाल में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राम मंदिर पर हमारी आस्था एक स्थापित तथ्य है और हम राम मंदिर के नाम से कोई नफा-नुकसान नहीं सोचते हैं. हमने अयोध्या आंदोलन के बाद भी 1993 का विधानसभा चुनाव हारने के बाद भी 1998 के चुनावी घोषणापत्र में राम मंदिर निर्माण को रखा था, क्योंकि हम राम को चुनाव की हार-जीत से नहीं देखते हैं. राम हमारी आस्था के केंद्र बिंदु हैं. राम मंदिर का निर्माण अब आंदोलन से नहीं बल्कि बातचीत से होगा. अध्यादेश लाने की बात पर उन्होंने कहा यदि अध्यादेश लाना भी है तो कांग्रेस को हमारा साथ देना होगा. देश के लिए अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी क्योंकि राम मंदिर को लेकर कांग्रेस ने ही माहौल खराब किया है.’

उमा भारती का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब आरएसएस समेत सभी सभी हिंदू संगठन केंद्र सरकार से राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने की मांग कर रहे हैं. उमा भारती शुरू से ही राम मंदिर आंदोलन का प्रमुख चेहरा रही हैं. उमा भारती को बाबरी मस्जिद गिराने की साजिश रचने में हाथ होने के आरोप में सीबीआई द्वारा चार्ज भी किया जा चुका है. मोदी सरकार के कार्यकाल में उमा भारती को जल और गंगा की सफाई का मंत्रालय दिया गया था, लेकिन बाद में पिछले साल पीएम मोदी ने उनसे यह विभाग लेकर उन्हें कम महत्वपूर्ण माना जाने वाला पेय जल और स्वच्छता मंत्रालय सौंपा.

उल्लेखनीय है कि इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर 2019 का चुनाव नहीं लड़ने की बात कह चुकी हैं. 
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News Digital India 18

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