चुनाव आये तो फिर भावनाएं भड़काने की कोशिश में मोदी




''हमारे सर्जिकल स्ट्राइक का कांग्रेस वीडियो मांगती है. वो हमसे हिसाब मांग रहे हैं. नामदार और उनके चेले मेरी जाति पूछ रहे हैं. चुनावी भाषणों में इस तरह की पीएम मोदी की बातों को लोग पीएम मोदी की हताशा मान कर ले रहे हैं. लोगों का कहना है आज साढ़े चार साल बाद मोदी सरकार ने नोटबंदी GST जैसे तुगलकी आदेश जारी कर देश को गर्त में धकेल दिया, कोई उपलब्धि है नहीं तो इस तरह की भावनाएं भड़का कर चुनाव जीतना चाहते हैं. राम मंदिर मुद्दे पर भी लोगों का कहना है आज साढ़े चार साल तक मंदिर की याद नहीं आयी अब जब फिर से चुनाव सामने आ गए तो राम याद आ रहे हैं. क्यों वो हिसाब नहीं मांग सकते, कोई हिसाब हो तो दे दीजिये.''


मध्यप्रदेश के चुनाव प्रचार से निपटकर अब प्रधानमंत्री मोदी पूरी तरह राजस्थान के रण में कूद चुके हैं। आज भीलवाड़ा में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत 26/11 की दसवीं बरसी का जिक्र करते हुए किया। मोदी ने कहा, "जब दिल्ली में मैडम का राज रिमोट कंट्रोल से चलता था। जब महाराष्ट्र में कांग्रेस की सरकार थी। 26/11 को मुंबई में आतंकी हमला हुआ। आतंकियों ने अनेक नागरिकों को गोलियों से भून दिया। उस भीषण घटना को 10 साल हो रहे हैं। उस वक्त राजस्थान में चुनाव अभियान चल रहा था। उस समय कोई उस घटना की आलोचना करता था तो राग दरबारी कहते थे कि पाकिस्तान ने भारत पर युद्ध बोल दिया है, विपक्ष राजनीति कर रहा है। राग दरबारी, कांग्रेस की लिखी कथा पढ़ते थे। लेकिन जब हमने सर्जिकल स्ट्राइक किया, तो कांग्रेस वीडियो मांगती है। "

पीएम मोदी ने बीते कुछ दिनों में जाति के बयान को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा, "कांग्रेस के मुंह से बस जाति का जहर निकलता है। नामदार और उनके चेले मोदी की जाति पूछ रहे हैं। चुनावी मुद्दों की चर्चा न करके कांग्रेस मेरी जाति, मेरे पिता पर बात कर रही है। वो कहते हैं मोदी चार पीढ़ियों का हिसाब मांगने वाला होता कौन है।"

प्रधानमंत्री ने सरकार की योजनाओं की बात करते हुए कहा कि 2014 से पहले ग्रामीण परिवारों में शौचालय 40 फीसदी भी नहीं थे लेकिन चार साल में ये आंकड़ा आज 95 फीसदी तक पहुंच चुका है। वहीं उज्ज्वला योजना पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद गैस कनेक्शनों की संख्या भी 55 फीसदी घरों से बढ़कर 90 फीसदी हो गई। हमने बैंक के दरवाजे गरीबों के लिए खोल दिए। 



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