VIDEO रस्से पर नाचती शिवानी की जिन्दगी को क्या कोई ख्वाब देखने का हक़ नहीं?


आज भी देश का बहुत बड़ा वर्ग सुबहा से शाम तक रोज़ी रोटी के लिए कमाता है तब जाकर रात में खाना खा पाता है. सरकार की बहुत सी योजनाएं इन्ही के लिए चल रही हैं, परंतु क्या उन योजनाओं का लाभ इन तक पहुंच पा रहा है? क्या मजबूरी है शिवानी की, जिसको अभी स्कूल में जाना चाहिए, वो मजबूरन मेहनत करने को वेबस है? क्या शिवानी की कोई ख़्वाहिशें नहीं, क्या उसको ख्वाब देखने का हक़ नहीं?



खामखेड़ा विदिशा से शरद 'महेश' मिश्रा

निःशब्द हूँ आज मैं इस कला को देख कर. बहुत पहले देखा करता था इस कला को. आज फिर यह सब देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, परन्तु दिल दुखी भी हुआ कि आज के इस नए युग में पुरानी कला को देख कर कि आज भी ये कला किसी का पेट पालने के लिए मजबूर कर रही है. ये कलाकार है छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले की शिवानी, जो आठ फिट ऊंचे रस्से पर अपनी कला का बिना किसी सुरक्षा के प्रदर्शन कर रही है और आप टीवी पर कोई कलाकार की कलाकारी को देखते हो तो बहुत तारीफ करते हो कि उस कलाकार ने बहुत ही उम्दा कला का प्रदर्शन किया, लेकिन आप को ये बात भी मालूम होती है कि टीवी पर प्रसारित प्रोग्राम में नीचे लिखा आता है कि ये स्टंट सुरक्षा बल की निगरानी में किया गया है, कोई इस स्टंट को घर पर न करें. देखें वीडियो - 

साथ ही उस कलाकार को स्टंट करने की भारी भरकम राशि दी जाती है, जिससे वो अपनी जान को जोखिम में डाल कर भी कला का प्रदर्शन करता है, लेकिन शिवानी बिना किसी सुरक्षा के अपनी कला का प्रदर्शन करती है और उसको किसी प्रकार की कोई भी प्रोत्साहन राशि उपलब्ध नहीं होती. उसको तो सिर्फ वही मिलता है, जो वहां खड़े लोग उस (शिवानी) की कलाकारी को देख कर अपनी जेब से दे देता है. और शिवानी और उसका परिवार उसी में अपना गुजर बसर कर लेते हैं. 

आज भी देश का बहुत बड़ा वर्ग सुबहा से शाम तक रोज़ी रोटी के लिए कमाता है तब जाकर रात में खाना खा पाता है. सरकार की बहुत सी योजनाएं इन्ही के लिए चल रही हैं, परंतु क्या उन योजनाओं का लाभ इन तक पहुंच पा रहा है? क्या मजबूरी है शिवानी की, जिसको अभी स्कूल में जाना चाहिए, वो मजबूरन मेहनत करने को वेबस है? क्या शिवानी की कोई ख़्वाहिशें नहीं, क्या उसको ख्वाब देखने का हक़ नहीं?

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