यूपी पुलिस का बेहद शर्मनाक रवैया, अपराध को ढकने की कोशिश


''एपल के सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने कहा है कि, गोली मारकर हत्या करने के बाद लखनऊ पुलिस पति को चरित्रहीन साबित करने में लगी है। कल्पना ने सवाल उठाया कि गाड़ी न रोकने पर गोली चलाने का अधिकार पुलिस को किसने दिया। उन्होंने योगी सरकार से न्याय की मांग की है।''

पुलिस का आरोप है कि विवेक और उसकी महिला मित्र आपत्तिजनक हालत में थे, जिसका विरोध करने पर विवेक ने गाड़ी पुलिस पर चढ़ा दी थी। इस पर सिपाही प्रशांत चौधरी ने विवेक को गोली मार दी, जो सीधे उसकी ठुड्डी से आरपार होकर सिर में नीचे की तरफ जा धंसी। विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना ने बताया कि, पति ये कहकर घर से निकले थे कि आज नए फोन की लॉन्चिंग है तो देर हो जाएगी। रात में डेढ़ बजे पति से बात भी हुई थी तो उन्होंने बताया कि सना को घर छोड़ने के बाद कुछ ही देर में आ रहे हैं।

कल्पना ने बताया कि रात करीब  दो बजे तक वह नहीं पहुंचे तो फिर वह फोन करने लगीं, लेकिन कई बार फोन करने के बावजूद कॉल रिसीव नहीं हुई। रात तीन बजे के करीब एक व्यक्ति ने फोन रिसीव कर कहा कि आपके पति और उनके साथ मौजूद महिला को हल्की चोटें आई हैं। दोनों की मरहम पट्टी लोहिया में हो रही है। 

कल्पना तिवारी के अनुसार जब वह लोहिया अस्पताल पहुंची तो काफी देर तक पुलिस और डॉक्टर टालमटोल करते रहे। पति से मिलने भी नहीं दिया। गोली लगने की भी बात नहीं बताई। काफी देर बाद डॉक्टर से जबरदस्ती करने पर उन्होंने कहा कि एक्सीडेंट के कारण विवेक का काफी खून बह गया था, जिसके चलते उन्हें बचाया नहीं जा सका।

उन्होंने बताया कि, जब वह घटनास्थल पर पहुंची तो गाड़ी का हाल देख उन्हें पता लगा कि विवेक को गोली लगी थी। कल्पना तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी से सवाल किया कि आखिर पुलिस वालों को गोली चलाने का अधिकार किसने दिया। विवेक ने गाड़ी न रोककर ऐसा कौन सा गुनाह कर दिया था।

कल्पना ने कहा कि पुलिस सिर्फ अपनी गलती छिपाने के लिए विवेक के चरित्र पर अंगुली उठा रही है। उन्होंने मांग कि है की दोषी पुलिस वालों पर सरकार सख्त से सख्त कार्रवाई करे।

साभार : अमर उजाला  
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