भाजपा के लिए गले की फांस बना एससी-एसटी एक्ट, विधानसभा चुनाव में गणित बिगाड़ सकते हैं सवर्ण


''सूबे में 200 से ज्यादा सीटें जीतने का सपना देख रही भाजपा के लिए एससी-एसटी एक्ट गले की फांस बन गया है। सवर्णों की नाराजगी भाजपा के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। क्योंकि प्रदेश में सवर्ण एवं पिछड़े सीधे तौर पर 148 सीटों को प्रभावित करते हैं।'' 

सूबे की 148 सवर्ण सीटें बनीं सरकार का सिरदर्द

भोपाल से महेश दीक्षित की ख़ास रिपोर्ट 
प्रदेश में एट्रोसिटी एक्ट को लेकर सवर्णों का जिस तरह से विरोध हो रहा है, उसे देखते हुए सरकार और संगठन की पेशानी पर बल दिखने लगे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह के बीच देर तक मंथन चला। नेताओं ने तय किया है कि भाजपा एट्रोसिटी का विरोध करने वालों को हर हाल में मनाने की कोशिश करेगी। इसमें बड़े नेताओं को भी जुटना होगा। प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेताओं की चिंता सवर्णों के सीधे प्रभाव वाली 148 सीटों को लेकर भी रही। विधानसभा की कुल 230 सीटों में सामान्य वर्ग की 148 सीटें हैं वहीं आरक्षित वर्ग की कुल 82 सीटें हैं। अगर 2013 के विधानसभा चुनाव नतीजों की बात करें तो भाजपा ने सामान्य वर्ग की 148 सीटों में से 102 सीटों पर कब्जा जमाया था, जो राज्य में सामान्य बहुमत के आंकड़े से मात्र 14 सीटें दूर था।

अब सरकार बचाने की चिंता
भाजपा तय रणनीति के तहत अब एट्रोसिटी एक्ट का विरोध करने वालों को मनाने का काम करेगी। खास बात यह है कि इस विरोध के बीच भाजपा का 200 पार का नारा खो गया है। अब चिंता सरकार बचाने की है। जिस तरह से एट्रोसिटी का मुद्दा सुलग रहा है, उससे भाजपा को बहुमत तक पहुंचने में भी कठिनाई महसूस हो रही है। क्योंकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि एससी-एसटी एक्ट का विरोध करने वाले चुनाव में भाजपा के खिलाफ उतरेंगे या फिर कांग्रेस के समर्थन में जाएंगे।

अनूप मिश्रा हो सकते हैं कार्यवाहक अध्यक्ष
सवर्ण आंदोलन से निपटने के लिए मध्यप्रदेश भाजपा ने अपने सवर्ण नेताओं को मैदान में उतारने का फैसला किया है। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल की मौजूदगी में सवर्ण आंदोलन को लेकर मंथन हुआ। रामलाल ने 25 सितंबर को होने वाले कार्यकर्ता महाकुंभ से पहले सवर्ण आंदोलन से निपटने की रणनीति बनाने को कहा है। माना जा रहा है कि सवर्ण आंदोलन को थामने के लिए सासंद अनूप मिश्रा को प्रदेश भाजपा का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया जा सकता है। 

संगठन महामंत्री रामलाल ने पार्टी सवर्ण नेताओं को प्रदेश में भड़क रहे सवर्ण आक्रोश को रोकने कहा है। तथा इसके डैमेज कंट्रोल रोकने के लिए पार्टी के मंत्री, विधायक और पदाधिकारियों से रणनीति बनाने को कहा। उन्होंने सवर्ण आंदोलन के आगामी विधानसभा चुनाव पर पडऩे असर को लेकर प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह, मंत्री गोपाल भार्गव, मंत्री अर्चना चिटनीस, जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा और सांसद अनूप मिश्रा से अलग-अलग चर्चा की।

क्लस्टर बनाकर चुनाव की तैयारी
विधानसभा चुनाव के मद्देनजर तय किया गया कि प्रदेश भाजपा क्लस्टर बनाकर चुनाव की तैयारी करेगी। 3 से 4 लोकसभाओं का एक क्लस्टर बनाया जाएगा। क्लस्टर की मॉनिटरिंग के लिए अलग से समितियां बनाई जाएगी। चुनाव तक हर 10 दिन में हितग्राही सम्मेलन आयोजित करने का फैसला किया गया है। रामलाल ने सोशल मीडिया अभियान को भी तेज करने की ताकीद करते हुए विधानसभा और लोकसभा स्तर पर कॉल सेंटर बनाने को कहा। 

सपाक्स, करणी सेना बने मुसीबत
एक्ट के विरोध में करणी सेना जिस तरह से आक्रामक रुख अख्तियार किए है और अपने विरोध से मुख्यमंत्री तक को घेर रही है, वह संगठन की परेशानी में इजाफा कर रहा है। मुख्यमंत्री की कई सभाओं पर पथराव हो चुके हैं, तो मंत्री सार्वजनिक मंचों से दूरी बनाकर चल रहे हैं। यही हालात बने रहे तो चुनाव में नेताओं का प्रचार करना तक भारी हो जाएगा। करणी सेना और सपाक्स को साधने की रणनीति अब तक संगठन नहीं खोज पाया है।

इन सीटों पर बिगड़ सकता है खेल
श्योपुर, विजयपुर, सबलगढ़, जौरा, सुमावली, मुरैना, दिमनी, अटेर, भिण्ड, लहार, मेहगांव, ग्वालियर ग्रामीण, ग्वालियर, ग्वालियर ईस्ट, ग्वालियर साउथ, भितरवार, सेवढ़ा, दतिया, पोहरी, शिवपुरी, पिछोर, कोलारस, बमोरी, चाचौड़ा, राघौगढ़, चंदेरी, मुंगावली, खुरई, सुरखी, देवरी, रहली, सागर, बण्डा, टीकमगढ, पृथ्वीपुर, निवाड़ी, खरगापुर, महाराजपुर, राजनगर, छतरपुर, बीजावर, मलहेरा, पथरिया, दमोह, जबेरा, पवई, गुन्नौर, पन्ना, चित्रकूट, सतना, नागौद, मैहर, अमरपाटन, रामपुर बघेलान, सिरमौर, सेमरिया, त्यौंथर, मउगंज, देवतालाब, रीवा, गुढ़, चुरहट , सीधी, सिंहावल, सिंगरौली, कौतमा, विजयराघवगढ़, मुड़वारा, बहोरीबंद, पाटन, बरगी, जबलपुर नार्थ, जबलपुर केन्ट, जबलपुर वेस्ट, पनागर, लांजी, परसवाड़ा, बालाघाट, वारासिवनी, कटंगी, सिवनी, केवलारी, नरसिंहपुर, तेन्दूखेड़ा, गाडरवाड़ा, चौरई, सौंसर, छिंदवाड़ा, मुलताई, बैतूल, हरदा, सिवनी मालवा, होशंगाबाद, सोहागपुर, उदयपुरा, भोजपुर, सिलवानी, विदिशा, बासौदा, सिरोंज, शमशाबाद, भोपाल उत्तर, नरेला, भोपाल दक्षिण-पश्चिम, भोपाल मध्य, गोविंदपुरा, हुजूर, बुधनी, इछावर, सीहोर, नरसिंहगढ़, ब्यावरा, राजगढ़, खिलचीपुर, सुसनेर, शाजापुर, शुजालपुर, कालापीपल, देवास, हाटपिपल्या, खातेगांव, मंधाता, बुरहानपुर, बड़वाह, कसरावद, खरगोन, धार, बदनावर, देपालपुर, इंदौर-1, इंदौर-2, इंदौर-3, इंदौर-4, इंदौर-5, अंबेडकर नगर महू, राउ, नागदा-खाचरौद, महिदपुर, उज्जैन नार्थ, उज्जैन साउथ, बडऩगर, रतलाम सिटी, जावरा, मंदसौर, सुवासरा, गरोठ, मनासा, नीमच और जावद।
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