शासकीय स्कूलों के निजीकरण की कोई योजना नहीं - राज्य मंत्री श्री जोशी


तकनीकी शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री दीपक जोशी ने कहा है कि शासकीय स्कूलों के निजीकरण की कोई योजना नहीं है. उन्होंने कहा स्कूल शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिये जन-भागीदारी की कई योजनाएँ प्रणाम पाठशाला-विद्यालय उपहार योजना और मिल-बाँचें जैसी योजनायें चलायी जा रही हैं. 

श्री जोशी ने बताया कि प्रणाम पाठशाला-विद्यालय उपहार योजना का उद्देश्य विद्यालयों और छात्रावासों के भौतिक एवं अकादमिक विकास के लिये समुदाय की सक्रिय भागीदारी प्राप्त करना है. उपहार-दाता के रूप में कोई भी व्यक्ति/संस्था योजना से जुड़ सकती है. उपहार-दाता को तीन विकल्प दिये गये हैं। वह किसी कार्य के लिये राशि, सामग्री दे सकता है और अधोसंरचना के कार्य करवा सकता है.

श्री जोशी ने बताया कि 'मिल-बाँचें मध्यप्रदेश'' कार्यक्रम का उद्देश्य वालिंटियर के माध्यम से बच्चों में भाषा कौशल उन्नयन, पाठ्य-पुस्तकों के अतिरिक्त अन्य पुस्तकों को पढ़ने एवं समझने की रुचि विकसित करना और शाला में सह-शैक्षिक गतिविधियों का आयोजन है. कार्यक्रम में जन-प्रतिनिधि, सेवानिवृत्त अधिकारी, सेवा में कार्यरत अधिकारी, पेशेवर व्यक्ति और शाला के पूर्व विद्यार्थी आदि लोग शामिल हो सकते हैं.

उल्लेखनीय है श्री जोशी के हवाले से ही अखबारों में आज यह समाचार प्रमुखता से प्रकाशित हुआ है कि सरकार शासकीय स्कूलों के निजीकरण की योजना बना रही है. 

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