संतान पालने से ज्यादा आवश्यक है निर्वाचन, बताकर अवकाश आवेदन रद्द किया


''नियमानुसार शासकीय सेवक को मातुत्व अवकाश की तरह पितृत्व अवकाश की पात्रता दी गई है. इसके लिए होशंगाबाद जिले से एक पटवारी प्रवीण कुमार मेहरा ने आवेदन दिया तो उसे सम्बंधित अधिकारी तहसीलदार ने यह लिख कर रद्द कर दिया कि वर्तमान में निर्वाचन कार्य देखते हुए निरस्त किया जाता है.'' 

पटवारी श्री मेहरा ने आवेदन में बताया है कि उसकी पत्नी अस्पताल में भर्ती है. 14 सितम्बर को पुत्र को जन्म दिया है. डॉक्टर ने 8-10 दिन और भर्ती रहने की सलाह दी है. अतः मुझे पत्नी और बच्चे की देखभाल के लिए अस्पताल और घर पर रहना अति आवश्यक है. लेकिन सम्बंधित अधिकारी तहसीलदार ने यह लिख कर रद्द कर दिया कि वर्तमान में निर्वाचन कार्य देखते हुए निरस्त किया जाता है. 
  
अब पटवारी जी सवाल यह उठा रहे हैं कि क्या निर्वाचन संतान पालने से ज्यादा अति आवश्यक है? 

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News Digital India 18

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