मालवा में फिर मिलेगा डग-डग नीर


''मालवा में अब फिर मिलेगा डग-डग नीर. मालवा की क्षिप्रा गंभीर कालीसिंध और पार्वती नदी के कछारों तक नर्मदा जल पहुंचाने का संकल्प अब मूर्त रूप ले रहा है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 27 सितम्बर को देपालपुर में नर्मदा मालवा गंभीर लिंक परियोजना का लोकार्पण करेंगे. मालवा क्षेत्र के लिए वरदान माने जाने वाली इस परियोजना की घोषणा वर्ष 2012 में स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा की गई थी.''

इंदौर.  मालवा की क्षिप्रा गंभीर कालीसिंध और पार्वती नदी के कछारों तक नर्मदा जल पहुंचाने के संकल्प को नर्मदा मालवा लिंक के रूप में क्रियान्वित किया जा रहा है. नर्मदा क्षिप्रा लिंक योजना के बाद नर्मदा मालवा गंभीर लिंक दूसरी महत्वपूर्ण योजना है. इस परियोजना से मालवा क्षेत्र में 50775 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता निर्मित होगी.

नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के मुख्य अभियंता एच आर चौहान से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस परियोजना के अंतर्गत 15 घन मीटर प्रति सेकेंड क्षमता से नर्मदा जल ओंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर से लाया जाएगा. जल का उद्वहन मुख्य नहर के किलोमीटर 9.775 से 3 मीटर व्यास की पाइप लाइन द्वारा 427 मीटर तक होगा. उद्वहन पाइप लाइन की लम्बाई 68.142 किलोमीटर है. सिंचाई जल वितरण के लिए गंभीर नदी के दोनों किनारों पर पाइप लाइन डाली गई है. सिंचाई जल वितरण के लिए गंभीर नदी के दोनों किनारों पर पाइप लाइन है. पाइप लाइन प्रणाली से इंदौर तथा उज्जैन जिलों की 6 तहसीलों के 164 गांवों का 50775 हैक्टेयर रकबा सिंचित होगा. परियोजना निर्माण की कुल लागत 2187 करोड़ रूपए है.

इस परियोजना के अंतर्गत 40 हेक्टेयर चक तक भूमिगत पाइप लाइन से जल मिलेगा. इसके बाद किसान पाइप लगाकर अपने खेतों में ड्रिप या स्प्रिंकलर पद्धति से सिंचाई कर सकेंगे. परियोजना के अंतर्गत उद्वहन किए जाने वाले 15 क्यूमेक्स जल से 12.5 क्यूमेक्स जल का उपयोग सिंचाई के लिए होगा. शेष में से 1.5 क्यूमेक्स पेयजल के लिए रिजर्व रखा गया है. परियोजना में से एक क्यूमेक्स जल इंदौर तथा उज्जैन अंचल के उद्योगों को भी प्रदान किया जाएगा.

नर्मदा गंभीर संगम स्थल को दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है ग्राम बड़ी कलमेर में लगभग ढाई हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया गया है. यहां पर नर्मदा का जल प्रपात के रूप में गिरकर घाट क्षेत्र में गंभीर नदी में संगम होगा. आम जनता के स्नान हेतु बाएं तरफ 3 घाट तथा दाएं तरफ एक  घाट का निर्माण किया गया है. आने वाले दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए 50 चार पहिया वाहनों एवं 200 दोपहिया वाहनों की पार्किंग व्यवस्था रखी गई है. स्थल पर दो माउंट विकसित किए गए हैं एवं गंभीर नदी के किनारे व्यूप्वाइंट विकसित किया गया है. इस स्थल पर बॉटनिकल गार्डन भी विकसित किया जा रहा है.
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