अन्ना हजारे के सहारे वेवसिटी फतह करेंगे किसान


"25 दिसंबर 2005 का दिन था जब कचैडा के महाराजा नैनसिंह आर्य इंटर कालेज से हाईटेक सिटी के आन्दोलन की शुरुआत हुई थी । तब से लेकर आज तक बहुत कुछ बदल गया है । जिन खेतों में कभी हल चला करते थे वहा आज प्रशाशन की जेसीबी चल रही है । हाईटेक सिटी का यह बेशक विकास हो रहा है लेकिन किसान का तो विनाश ही हो रहा है । उसकी धान की लहलहाती फसलों को रौदने के लिए प्रशासन आए दिन मय फोर्स पहुँच जाता है । हालांकि अधिकतर किसानों ने अपनी जमीन औने पौने दामो पर वेवसिटी को बेच दी है । लेकिन अभी तक किसानो को उनका वाजिब हक नही मिला है । हक की इस लडाई ने एक बार फिर तेरह साल बाद अंगडाई ली हैं।आज कचैडा के ही मोहन सिंह कन्या वैदिक विधालय से वेव सिटी के खिलाफ किसानों के द्वारा रणभेदी संखनाद किया गया है । "

गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश/ आकाश नागर


हाईटेक  (वेव सिटी ) का लाइसेंस रद्द हो या नई कंपनी किसानों की जमीन अधिग्रहण करें हमें हर हालत में 64 परसेंट बढ़कर मुआवजा चाहिए और 10% के प्लाट । अब हम पीछे हटने वाले नहीं हैं । हमारी लड़ाई सीधे हाईटेक ( वेव )  सिटी के कर्ताधर्ता और प्रशासन से होगी ।जब तक किसानों की मांग नहीं मानी जाती तब तक हम आंदोलन जारी रखेंगे । इसके लिए आन्दोलनकारी नेता अन्ना हजारे से वार्ता कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी । यह कहना है किसान आंदोलनकारी नेता सुनील फौजी का । सुनील फौजी आज कचैडा  गांव में हाईटेक वेव सिटी प्रतिरोध महापंचायत में मुख्य वक्ता के तौर पर बोल रहे थे ।

फौजी ने कहा कि जब अंसल बिल्डर और शिव नादर जैसी जमीन लेने वाली कंपनी किसानों को 64 परसेंट बढ़ा मुआवजा और 10% प्लाट किसानों को दे सकती है तो हाईटेक वेव सिटी क्यों नहीं । इस लड़ाई को हम पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे की तरह लड़ेंगे ।जिसमें सभी प्रभावित गांवों के किसानों की बकायदा कमेटी बनेगी और आंदोलन शुरू किया जाएगा । इसके साथ ही उन अधिकारियों का भी तबादला किया जाएगा जो वेव सिटी की भाषा बोल रहे हैं और किसानों को धमकाकर डराकर उन्हें जमीन देने का दवाब डाल रहे हैं ।ऐसे मेरा कचैडा , दुजाना,  दूरियाई इकला इनायतपुर  के साथ ही  सभी गांवों के किसानों से अनुरोध है कि वह बिल्डर को अपने खेतों पर कब्जे किसी भी हालत में ना दें । जब तक कि हमारी मांग मानी नहीं जाती है ।

पूर्व जिला पंचायत सदस्य रविंद्र भाटी ने कहा कि जो लोग जेल जाने से डर रहे हैं वह तो अपने घरों से ही नहीं निकल रहे हैं यहां जितने भी महापंचायत में आज सैकड़ों लोग शामिल हुए हैं वह सभी हाईटेक वेब सिटी के खिलाफ जंग जारी करने के लिए मैदान में उतर चुके हैं । ऐसे ही क्षेत्र के बेरोजगारों को सेमसंग कंपनी में रोजगार दिलाने के लिए हजारों युवा आज सड़कों पर उतर चुके हैं । हमें अपनी लड़ाई हाईटेक सिटी के साथ-साथ उन कंपनियों से भी करनी पड़ेगी जो हमारे युवाओं को अपने यहां रोजगार नहीं दे रहे हैं । भाजपा नेता बबली नागर ने कहा कि उन्होंने प्रदेश के मंत्री अतुल गर्ग से कहकर हाईटेक सिटी का लाइसेंस रद्द करा दिया है । अब हमें आगे आने वाले नए लाइसेंस धारी बिल्डर के खिलाफ रणनीति बनानी पड़ेगी । नहीं तो जिस तरह हम पिछले 12 साल से हाईटेक वेव सिटी से लड़ाई लड़ते आ रहे हैं ऐसे ही हमको अपने हको के लिए जूझना पड़ेगा मास्टर मोजीराम नागर ने कहा की नए मास्टर प्लान में शासन क्या-क्या फेरबदल करता है यह देखना जरूरी होगा ।

उन्होंने कहा कि पूर्व में जो लोग हाईटेक सिटी के आंदोलन के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकते रहे हैं हमें अब उनको भूलकर एकजुट होना पड़ेगा और नए सिरे से लड़ाई लड़नी पड़ेगी । महापंचायत की अध्यक्षता मास्टर मांगे राम ने की जबकि संचालन टीकम नागर ने किया । कचैड़ा के पूर्व प्रधान सुशील नागर ने कहा कि गांव गांव जाकर कमेटी का गठन किया जाएगा और वेब सिटी की लड़ाई जोरदार ढंग से लड़ी जाएगी ।महेन्द्र पहलवान ने अपने जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर आक्रोश प्रकट करते हुए कहा कि जो विधायक और सांसद हमारे दुख - सुख में साथ नही है उनको हम वक्त आने पर कडा जवाब देंगे । साथ ही उन्होने कहा कि अब कोई इस गलतफहमी में ना रहे कि वह अकेला आन्दोलन को प्रभावित करके अपने हित साध लेगा ।आकाश नागर ( पत्रकार ) ने कहा कि हमें पंचायत के साथ ही प्रशासनिक कार्यवाही पर भी ध्यान केन्द्रित करना होगा ।

नये बिल्डर को जमीन देने से पूर्व शासन - प्रशासन  के द्वारा बनाई जाने वाली डीपीआर से पहले आपत्ति दर्ज करानी होगी । जिसमें अपनी सभी मांगो और समझोते की शर्तो को शासन प्रशासन के समक्ष रखना होगा । इनमे 64 प्रसेंट का बढा हुआ मुआवजा और 10 प्रसेंट प्लाट के साथ ही गांव की सभी योजनाओ का वर्णन करना होगा । जिससे कि आने वाले नये बिल्डर की पाँलिसी में किसानो के लिए यह सब नीति बन सकेगी । पूर्व जिला पंचायत सदस्य आनंद नागर ने  कहा कि  अपने लोगों की तरफ से  महापंचायत को  आश्वासन देते हैं  की  हर लड़ाई में उनका  साथ दिया जाएगा ।

मास्टर मनोज नागर ने  कहा कि  हाईटेक वेव सिटी  अपने कार्यकाल में  पूरा काम नहीं कर पाई जिसके चलते  उसका लाइसेंस  रद्द कर दिया गया है  । अब  वह जल्द से जल्द  गांव में  किसानों की जमीन पर  कब्जा लेकर  आने वाले नए बिल्डर को किसानों की जमीन सौंप देना चाहता है । जबकि किसान ऐसा होने नहीं देंगे । गांव के वर्तमान प्रधान तेज सिंह और केशराम सिंह ने सभी लोगों को एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का आव्हान किया । जबकि पूर्व प्रधान भुमेश नागर में कहा कि अब कमेटी की बजाय पूरे गांव को आंदोलन को अपने हाथ में लेना होगा । महापंचायत में धीरज नेताजी ने महिलाओं की सहभागिता पर भी बल देते हुए कहा कि सभी लोग अपनी अपनी घरवालियों को भी आन्दोलन में जरुर शरीक करे ।

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