शिवराज के राज में महिलाएं भीख मांगने को मजबूर


आगामी चुनाव में नाम देखकर नहीं, काम देखकर वोट देगी जनता

''अपने आप को गरीबों का हितेषी बताने वाली भाजपा सरकार गरीबों के प्रति कितनी संवेदनशील है, इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिवनी में महिलाएँ अपने साल दो साल के बच्चों को गोद में लेकर चौक-चौराहों पर भीख मांगती नजर आती हैं..''

सिवनी से विनोद सोनी की रिपोर्ट    
भाजपा कहती है राम राज्य लाना होगा, लेकिन मध्यप्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह के राज में महिलाएं भीख मांगकर अपना जीवन यापन करने को मजबूर हैं। अपने आप को गरीबों का हितेषी बताने वाली भाजपा
सरकार गरीबों के प्रति कितनी संवेदनशील है, इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिवनी में महिलाएँ अपने साल दो साल के बच्चों को गोद में लेकर चौक-चौराहों पर भीख मांगती नजर आती हैं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी इस बात से कोई सरोकार नहीं, न ही कभी पता लगाने की जहमत उठाते हैं। 

हाँ, कभी कभार अस्पताल में जाकर फल वितरण कर देंगे या ठंड में कभी किसी को कम्बल दान कर देंगे और फोटो खिंचवाकर वाट्सएप और फेसबुक में डालकर वाहवाही लेने का प्रयास करते हैं। कहने को तो जिले में कई महिला संगठन भी हैं, पर उनका ध्यान भी इस ओर नहीं जाता, जबकि सिवनी की ही नीता पटेरिया जी प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष रह चुकी हैं। 


सवाल इस बात का है कि जब भाजपा सरकार महिलाओं के हित की बात कर रही है तो महिलायें अपने बच्चों को ठंड, बरसात और तेज धूप में कन्धे पर लादकर भीख मांगने के लिये क्यों मजबूर हैं। विगत कुछ समय पूर्व स्थानीय दैनिक यश भारत में भीख मांगता देश का भविष्य और सिवनी में कहाँ से आ रहे मानसिक विक्षिप्त नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी, जिसमें नग्न अवस्था में महिलाएं घूमते नजर आती हैं, इस बात का उल्लेख किया गया। 

खबर को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को जानकारी दी और उन महिलाओं एवं बच्चों के लिये कारगर कदम उठाने निर्देश दिए, लेकिन आज भी स्थिति वही है। सिवनी में दर्जनों जगह महिलाओं को भीख मांगना पड़ रहा है। इसका क्या कारण है सत्तापक्ष के लोगों ने कभी जानने का प्रयास नहीं किया। आम जनता में चर्चा है कि करेंगे भी क्यों, इस समाज सुधार के काम में उन्हें क्या मिलेगा? इससे कोई हाईकमान के सामने उनके नंबर थोड़े ही बढ़ेंगे? इतना अवश्य तय है कि इस बार जनता नाम देखर नहीं काम देखकर सरकार चुनेगी।
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News Digital India 18

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