विवादित कार्यप्रणाली के चलते हटाये गए धनोरा तहसीलदार सहदेव सिंह मार्को



जिला कलेक्टर गोपाल चंद्र डाड के द्वारा तहसीलदारों के कार्य विभाजन का आदेश जारी किया गया है. इसमें धनौरा प्रभारी तहसीलदार सहदेव सिंह मार्को को विवादित कार्यप्रणाली के चलते हटाया जाने के बाद क्षेत्र के लोगों ने खुशी जाहिर की है. वहीं क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है कि नायब तहसीलदार सहदेव सिंह मार्को अपना स्थानांतरण रुकवाने को लेकर ऊंची पकड़ वाले राजनेताओं के सामने हाथ पैर पटक रहे हैं. 



सिवनी से विनोद सोनी की रिपोर्ट
मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग मंत्रालय भोपाल के आदेश दिनांक 18/7/2018 के द्वारा तहसीलदारों की पदस्थापना के फलस्वरुप स्थानांतरण उपरांत जिले में पदस्थ तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के मध्य कार्य विभाजन को लेकर जिला कलेक्टर ने आंशिक संशोधन करते हुए एससीएस परते तहसीलदार को लखनादौन तहसील में पदस्थ किया है, वहीं पीयूष दुबे को बरघाट तहसील सुश्री ज्योति ठोके नायब तहसीलदार को प्रभारी तहसीलदार छपारा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. श्रीमती भावना मलगाम को तहसील बरघाट से प्रभारी तहसीलदार धनोरा और धनोरा प्रभारी तहसीलदार सहदेव सिंह मार्को को नायब तहसीलदार धूमा में पदस्थ किया गया है. 

पूर्व आदेशानुसार तहसीलदार घंसौर और धनोरा के आहरण एवं संवितरण के अधिकार पूर्व की भांति ही अनुविभागीय अधिकारी राजस्व घंसौर को और वही तहसील छपारा में आहरण एवं संवितरण अधिकारी के अधिकार तहसीलदार लखनादौन को सौपे  गए हैं जिला कलेक्टर गोपाल चंद्र डाड के द्वारा तहसीलदारों के कार्य विभाजन का आदेश जारी किया गया है. 

उक्त आदेश के बाद से प्रभारी तहसीलदार धनोरा सहदेव सिंह मार्को अपना नायब तहसीलदार धूमा में हुए स्थानांतरण आदेश से खुशी नहीं है और शायद यही कारण है कि क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है कि नायब तहसीलदार सहदेव सिंह मार्को अपना स्थानांतरण रुकवाने को लेकर ऊंची पकड़ वाले राजनेताओं के सामने हाथ पैर पटक रहे हैं. धनोरा तहसील में प्रभारी तहसीलदार के पद में पदस्थ रहे नायब तहसीलदार मार्को हमेशा अखबारों की सुर्खियां भी बने रहे हैं. 

धनोरा तहसील कार्यालय परिसर में न्यायालय के समक्ष बाबुओं के समकक्ष प्राइवेट लोगों को बैठाकर पक्षकारों की पेशियां इन्हीं प्राइवेट बाबुओं के द्वारा दिलाई जाती हैं. तहसील धनोरा में हो रही धांधली को लेकर पिछले दिनों जिला कलेक्टर से भी शिकायत की गई थी और अभी कुछ दिन पहले ही धनोरा के ही पूर्व मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र जैन की सीएम हेल्पलाइन को लेकर भी मामला सुर्खियों में आया था, जहां बिना तहसीलदार के हस्ताक्षर की ऋण पुस्तिका थमा दी गई थी. 

कारण बताया जाता है कि पटवारी के द्वारा बार-बार अनुरोध करने के बाद भी तहसीलदार द्वारा ऋण पुस्तिका पर हस्ताक्षर नहीं किए जा रहे थे. किसान पटवारी पर दबाव बना रहे थे. मजबूरन पटवारी को तहसीलदार के बिना हस्ताक्षर की हुई ऋण पुस्तिका किसान के कहने पर दे दी गई. 

उन किसानों में से एक भाजपा  के पूर्व मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र जैन थे, जिन्होंने 181 सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की, साथ ही जिला कलेक्टर और कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन को इस पूरे मामले से अवगत करा कर शिकायत दर्ज कराई. ऐसे ही कई मामलों में धनोरा के प्रभारी तहसीलदार सहदेव सिंह मार्को और तहसील धनोरा सुर्खियों में रह रही थी. पक्षकार भी चल रहे लंबित मामलों को लेकर हमेशा बढ़ाई जा रही पेशियों से परेशान रहते थे. 

ग्राम सालीवाड़ा का कुटवार भी तहसीलदार से परेशान था और उसने धनोरा थाने तथा उच्चाधिकारियों को श्री मार्को की शिकायत की थी. स्थानीय दैनिक यश भारत ने भी पूर्व में प्रभारी तहसीलदार की निष्क्रियता की खबरें प्रकाशित की थी, जिसमे नियमविरुद्ध हो रहे कार्यो का उल्लेख किया था. तहसीलदार सहदेव सिहं मार्को द्वारा दलालों के माध्यम से कार्य कराए जाने की शिकायत एक स्थानीय जनप्रतिनिधि ने भी जिला कलेक्टर से की थी. 

इनका कहना है    
1. मेरे द्वारा एक जमीन खरीदी गई थी, जिसके नामांतरण के लिए मुझे कई बार तहसील के चक्कर काटने पड़े. 5 माह बीत जाने के बाद भी जब नामांतरण नही हुआ तो मेरे द्वारा उच्चाधिकारियों और सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की गई थी. 
 - सुरेंद्र जैन
पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष धनोरा

2. तहसीलदार महोदय से मैं काफी परेशान था और जब में मानसिक रूप से ज्यादा परेशान हो गया तो मेरे द्वारा धनोरा थाने और एसडीएम महोदय को शिकायत की गई. 
 - हीरालाल
कोटवार सालीवाड़ा
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