मोदी सरकार की नोटबंदी फेल हुई, जनता ने खड़े किये सवाल



''नोटबंदी में जमा नोट 22 महीने तक रिजर्व बैंक गिनती रही और अब बताया जा रहा है 10720 को छोड़ कर प्रचालन के बाकी सभी नोट बैंकों में जमा हो गए. अब लोग नोटबंदी को लेकर मोदी सरकार पर जम कर सवाल खड़े कर रहे हैं.'' 

रिजर्व बैंक द्वारा बताया गया है प्रचालन के सभी नोटों में से 99.3% रुपया वापिस आ गया है. नोटबंदी में मामूली राशि छोड़ कर सभी नोट वापिस जमा हो जाने और आम जनता के परेशान होने सहित, नोटों की गिनते में लगे अधिक समय के अलावा छपाई पर बड़ा व्यय होने के लिए अब लोग नोटबंदी को लेकर मोदी सरकार पर जम कर सवाल खड़े कर रहे हैं. 

उल्लेखनीय है प्रधानमन्त्री मोदी ने 8 नबम्बर 2016 को जब नोटबंदी किया था, तब सुप्रीम कोर्ट को बताया गया था 3 से 4 लाख करोड़ रुपये वापिस नहीं आयेंगे, क्योंकि यह काला धन है.

Govind Yashveer जी ने प्रतिक्रिया दी है 'सोलह हजार करोड़ कालेधन के लिये इक्कीस हजार करोड़ नोट छपाई में लगा दिया, गजब अर्थशास्त्र है भाई...'

Mushtaq Ahmad जी लिखे हैं 'नोटबन्दी एक हिटलर शाही कदम था जो देश की जनता पर थोप दिया गया..'

अजय पटेल लिख रहे हैं 'दोस्तो नोटबंदी उत्तरप्रदेश में सत्ता पाने के लिये की गयी थी जो सफल हुई कालाधन विदेश से लाने को कहे थे लेकिन भारत का धन विदेश भेज दिए साहब.'

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News Digital India 18

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