यही वो लूट है, जिसकी कोई सज़ा नहीं, मिनियम बैलेंस नहीं रख पाने पर बैंकों ने जम कर काटी जेब




''मिनियम बैलेंस नहीं रख पाने वाले खाता धारकों की जेब काट कर बैंक मालामाल हो गए हैं, लेकिन अब लोग लिख रहे हैं यही वो लूट है, जिसकी कोई सज़ा नहीं, जो लुट गए वो बर्बाद और जो लूट गए उनसे पूछने पर नौकरी जाने का ख़तरा, लेकिन ग़रीब की हाय अवश्य लगेगी...''

digitalindia18online news desk 


मिनियम बैलेंस नहीं रख पाने वाले खाता धारकों की जेब काट कर बैंक मालामाल हो गए हैं. वित्त वर्ष 2017-18 में देश के 21 सरकारी और 3 निजी बैंकों ने मिनियम बैलेंस नहीं रख पाने वाले खाता धारकों से 4989.55 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला है. इनमें एसबीआई नंबर एक पर रहा है, जिसने कुल का आधा 2433.87 करोड़ वसूला.

इसके बाद एचडीएफसी दुसरे और एक्सिस बैंक तीसरे नंबर पर रहे हैं. जानकारी बैंकों द्वारा जारी आंकड़ों के आधार पर सामने आई है. रिजर्व बैंक के अनुसार बैंकों को सेवा शुल्क वसूलने का अधिकार है. 



भोपाल से पत्रकार Mamta Yadav ने मुद्दे को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए सवाल किया है आखिर ''ये किसका पैसा था? उनका जो अपने खाते में 1000-2000 से कम रख पाते थे. ये पब्लिक के लिए तो नेगेटिव ही है.




मुद्दे पर कुछ ख़ास प्रतिक्रियायें, क्या सोचते हैं लोग आप भी देखिये- Pankaj Shuklaआधों के तो पल्ले ही नहीं पड़ा होगा...वर्ना अब तक तो लुटे-पिटे लोग सड़क पर आ गए होते..



Sanjeev Chokotiya व्यंग्य करते हैं 'क्या वाक़ई में यही वो अच्छे दिन हैं....'

Rajendra Chaturvedi ये जनता का पैसा है जो मोदियों, अंबानियों द्वारा लगाए गए चूने की एवज में वसूला जा रहा है..

Anand Sharma का मानना है  'भगोडा का पैसा जनता से वसूला'

Rajeev Saxena बता रहे हैं 'जो लोग पैसा लेकर विदेश भाग गये हैं, उनकी वसुली अब देश की जनता से की जा रही है, क्योंकि उनका तो कुछ कर नहीं पा रहे हैं...' 

Ashok Anurag लिखते हैं 'यही वो लूट है, जिसकी कोई सज़ा नहीं है, जो लुट गए वो बर्बाद और जो लूट गए उनसे पूछने पर नौकरी जाने का ख़तरा, लेकिन ग़रीब की हाय लगेगी...'

Narendra Baghel ये तो गरीबों के साथ नाइंसाफी है?







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