मुझे दफना ही देना, अस्थियों की नुमाईश तो नहीं होगी


अटल जी के अस्थि कलश का उनके कथित अपनों द्वारा ही तमाशा बनाये जाने के बाद सोशल मीडिया पर लोग पार्टी की जम कर आलोचना करें लगे हैं. अस्थि कलश फेंक कर विसर्जन करते एक फोटो वायरल हो रहा है, वहीं एक यूजर ने तो यहाँ तक लिख दिया है 'कहीं आडवाणी जी यह ना कहने लगें कि मुझे दफना ही देना, अस्थियों की नुमाईश तो नहीं होगी.' 

पूर्व प्रधानमन्त्री भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की अस्थियों को लेकर बीजेपी द्वारा अपनी डूबती नैया पार करने की कोशिश की जा रही है. यह बात अटल जी की भतीजी ने कही है, लेकिन जिस तरह से बीजेपी नेताओं द्वारा अटल जी के अस्थि कलश का तमाशा बनाया जा रहा है, उसे लेकर सोशल मीडिया पर बीजेपी की जम कर आलोचना होने लगी है. 

बीजेपी के कई मंत्रियों मुख्यमंत्री तक अटल जी की शोक सभा में ठहाके लगाते मुस्कुराते नजर आ चुके हैं. हालांकि बीजेपी हाईकमान ने इस प्रकार की हरकतों पर नाराजगी दिखाई है. लेकिन पार्टी की अस्थि कलश के पीछे की मंशा राजनीति साफ़ हो गई है. सोशल मीडिया पर लोग अस्थि कलश के पीछे की सच्चाई जम कर वायरल कर रहे हैं. 

कहा जा रहा है यदि अटल जी स्वस्थ रहते और राजनीति में सक्रिय रहते तो उनकी हालत भी आडवाणी जैसी होती. कई जगहों पर पार्टी ख़ास कर प्रधानमन्त्री मोदी द्वारा पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का सार्वजनिक अपमान किया गया. इस प्रकार की ख़बरें, वीडियो वायरल हुए हैं, इसके बाद से ऐसा माना जा रहा है. 

एक यूजर विदिशा से पत्रकार भरत राजपूत ने तो यहाँ तक लिख दिया है 'कहीं आडवाणी जी यह ना कहने लगें कि मुझे दफना ही देना, अस्थियों की नुमाईश तो नहीं होगी.' साफ़ है कि बीजेपी के अपने नेताओं ने अस्थि कलश का जिस प्रकार से मजाक बनाया वह अब पार्टी को महंगा पड़ने वाला है. 

विदिशा से पत्रकार भरत राजपूत की पोस्ट पर 
Santosh Mundra जी ने लिखा है 

गाँधी जी: आओ अटल बैठो... कैसे हो? क्या हाल हैँ भारत के ?

अटल जी: अरे क्या बताऊँ बापू.... बस आप मेरी कविता की लाइन सुनिए... 

आप घुमाए जा रहे हैं नोटों में... 
हमें घुमाया जा रहा है लोटों में...

India Samachar जी लिखे हैं 
अस्थि कलश की अपार सफलता से खुश हो कर,
मोदी - शाह ने और अस्थियोँ की मांग की..
भाजपा के बुजूर्ग नेतायों मे मची खलबली 😉😉😉😉😉

Amit Gaur जी लिखते है 
यूं घुमाते रहो तुम अस्थियां बाजारों में,
मुंडन कौन कोंन कराएगा ज़रा ये भी बता दो इश्तहारों में ..

Shakti Rathore जी ने कमेन्ट किया है 
नेताओं को किसी के मरे का कोई अफसोस नहीं होता वो सिर्फ मौके की तलाश में रहते हैं they look for an opportunity in every event i.e how to exploit a situation for max. Benefit from it.




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