जूते चप्पल में कैंसर वाला रसायन, हरदा में आदिवासी महिला का पैर नीला पड़ा और सूज गया


''केन्द्रीय चरम आयोग द्वारा जूते चप्पल में कैंसर पैदा करने वाले रसायन की जांच में पुष्टि के बाद हरदा जिले में एक आदिवासी महिला का आरोप है कि चप्पल द्वारा रिएक्शन के कारण उसका पैर नीला पड़ गया और सूज गया है. इसके झल्लार गाँव के आदिवासियों ने जूते चप्पलों का बहिष्कार कर उन्हें सड़क पर फेंक दिया है. जूते चप्पलों से कैंसर रोग फैलने की भ्रान्ति से आदिवासियों में दहशत का माहौल बन गया है.'' 

वन विभाग द्वारा आदिवासियों में बांटे गए जूते चप्पल में कैंसर पैदा करने वाले रसायन की ख़बरों के बीच हरदा जिले से एक आदिवासी महिला का आरोप है कि चप्पल द्वारा रिएक्शन के कारण उसका पैर नीला पड़ गया और सूज गया है. आदिवासी क्षेत्रों में यह खबर आग की तरह फ़ैल गई है. अफवाहों का बाजार भी गर्म हो गया है.

जूते चप्पल में कैंसर पैदा करने वाले रसायन होने की बात केन्द्रीय चरम आयोग ने जांच के बाद कही थी. उसके बाद इस तरह का पहला मामला सामने आने के बाद हरदा जिले के झल्लार गाँव के आदिवासियों ने जूते चप्पलों का बहिष्कार कर उन्हें सड़क पर फेंक दिया है. जूते चप्पलों से कैंसर रोग फैलने की भ्रान्ति से आदिवासियों में दहशत का माहौल बन गया है. 

वन विभाग के जिला वन मंडलाधिकारी अनिल कुमार सिंह ने कहा है कि महिला का इलाज कराया जाएगा साथ ही किस कारण से बीमारी हुई की जांच कराई जायेगी. 

उल्लेखनीय है वन विभाग ने तेंदू पत्ता बोनस के रूप में हरदा जिले में 24818 आदिवासियों को जूते चप्पल बांटे गए हैं.

Share on Google Plus

News Digital India 18

पाठकों के सुझाव सदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है ..

0 comments:

Post a Comment

abc abc