खराब सड़क की शिकायत करने वाले बुजुर्ग को जेल भेजने के मामले में कलेक्टर घिरे, मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान


''खराब सड़क की समस्या को लेकर कलेक्टर की जनसुनवाई में गए वृद्ध किसान पीके पुरोहित को जेल भेजने के मामले में कलेक्टर अभय वर्मा घेरे में आ गए हैं. कलेक्टर अभय वर्मा का कहना है कि किसान पीके पुरोहित नशे की हालत में हंगामा कर रहा था वहीं किसान पीके पुरोहित ने साफ़ कहा है उसके परिवार में किसी ने कभी शराब को छुआ तक नहीं, मैंने शराब कभी नहीं पी, चाहे तो डीएनए टेस्ट करा लिया जाए.'' 

इसके बाद मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है. आयोग ने जबलपुर कमिश्नर, आईजी से मामले की जांच कर तीन सप्ताह में रिपोर्ट तलब की है. साथ ही आयोग ने नरसिंहपुर कलेक्टर और एसपी को पत्र लिखकर 21 अगस्त को कलेक्टर कार्यालय के जनसुनवाई कार्यक्रम के सीसीटीवी फुटेज मामले की जांच पूरी होने तक सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं.

इससे पहले मामले में कलेक्टर की तरफ से बयान आया था. कलेक्टर अभय वर्मा का कहना है कि फरियादी प्रमोद पुरोहित शराब पीकर उत्पात कर रहा था. इसलिए उसे जेल भिजवाया गया. वहीं कलेक्टर के इस बयान के बाद फरियादी प्रमोद पुरोहित ने फिर कलेक्टर पर निशाना साधा था. उनका कहना है कि मैंने शराब कभी नहीं पी, चाहे तो डीएनए टेस्ट करा लिया जाए. 

उल्लेखनीय है बीती 21 अगस्त को जनसुनवाई में पहुंचे खुरपा गांव के 61 साल के बुजुर्ग को नरसिंहपुर कलेक्टर अभय वर्मा ने ऊंची आवाज में बात करने और खराब सड़क की शिकायत के बाद खरी खोटी सुनाईं और हंगामा करने के आरोप में जेल भेज दिया. जेल से बाहर आते ही बुजुर्ग किसान ने अपनी आपबीती सुनाई थी. 
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News Digital India 18

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