संसद के तीन सत्र ही शेष हैं, कृपया हंगामा न करें, सुमित्रा महाजन ने सांसदों को लिखा पत्र




''यह बहुत शर्म की बात है कि हमारी संसद के सत्र जिनमें जनहित के काम होना चाहिए, लेकिन वह एक ख़ास राजनीति के तहत हंगामें की भेंट चढ़ जाते हैं. और अब ऐसे में लोकसभा अध्यक्ष को सांसदों को शालीनता बरतने के लिए पत्र लिखना पड़ रहा है.'' 



संसद के पिछले कुछ सत्रों पर चिंता व्यक्त करते हुए लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने मॉनसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले सांसदों को पत्र लिखकर संसद में सुचारू रूप से कामकाज सुनिश्चित करने में सहयोग करने की अपील की है. लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा है कि 16वीं लोकसभा के अब तीन सत्र ही शेष हैं, इसलिए खास तौर पर मॉनसून सत्र और शीतकालीन सत्र के दौरान सदस्यों को यह समय ज्यादा से ज्यादा कामकाज में परिवर्तित करना चाहिए. 

महाजन का कहना है कि लोकसभा अध्यक्ष के तौर पर वे उम्मीद करती हैं कि संसद सदस्य अपने कार्यों का कुशलता के साथ निर्वहन करेंगे, क्योंकि आप इस देश की सबसे बड़ी पंचायत लोकसभा के सदस्य हैं. सुमित्रा महाजन नें अपने पत्र में बजट सत्र के दौरान सदन में व्यवधान का उल्लेख करते हुए कहा है कि वैसे तो विचार-विमर्श और बहस लोकतंत्र का अहम हिस्सा है, लेकिन आप इस बात को भी मानेंगे कि असहमति और विचारों की अभिव्यक्ति शालीनता और शिष्टाचार के दायरे में होनी चाहिए, जिससे लोकतंत्र के प्रति लोगों की आस्था बनी रहे. 

(डिजीटल न्यूज़ सर्विस नेटवर्क )


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