छिंदवाड़ा में भू-माफिया सक्रिय, कर रहा है आदिवासियों की जमीन की खरीद फरोख्त, आदिवासी महिला के साथ लाखों की धोखाधड़ी





''छिंदवाड़ा जिले भर में लगातार आदिवासियों के शोषण और उनकी बेशकीमती जमीने भू-माफिया के संगठित व्यवस्थित गिरोह द्वारा हथियाने का काम लम्बे समय से किया जा रहा है. हाल में एक आदिवासी महिला की बेचकर 31 लाख 50 हजार की धोखाधड़ी एवं आदिवासी महिला को 2 साल से बंधक बनाये रखने की घटना सामने आई है. मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की जा रही है.''

- डी. के. प्रजापति 




छिंदवाड़ा जिले भर में लगातार आदिवासियों के शोषण और उनकी बेशकीमती जमीने भू-माफिआ के संगठित व्यवस्थित गिरोह द्वारा हथियाने का काम लम्बे समय से किया जा रहा है. गैर आदिवासियों को बेचने का सिलसिला बेरोकटोक जारी है. जिला प्रशासन को शिकायत देने के बाद भी कार्यवाही नहीं होना और जनसुनवाई का नाटक कर लोगो को परेशान करना अब जिला प्रसाशन के अधिकारियों के लिए आम बात हो गयी है. 

इस आशय की जानकारी देते हुए हिन्द मज़दूर किसान पंचायत मध्य प्रदेश की अध्यक्ष श्रीमती सुषमा प्रजापति एवं जिला अध्यक्ष श्रीमती शोभा शर्मा ने कहा कि जिले में बहुत बड़े पैमाने पर यह कार्य बहुत तेजी से हो रहा है. यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि भू माफिया का संगठित गिरोह जिले के ऐसे लोगो विषेशकर आदिवासियों को तलाशता है, जिनके परिवार में उनके आलावा कोई सदस्य नहीं हो. 

ऐसा ही मामला जिले के चौरई विकास खंड के रामगढ़ के आदिवासी परिवार, जिनकी कोई संतान नहीं है का सामने आया है. अतरू परते एवं उनकी पत्नी धम्मी बाई की सवा 11 एकड़ बेशकीमती जमीन जिसकी कीमत आज करोडो रुपयों में है. बताया जा रहा है उसे सिंगोड़ी ग्राम के कमलेश सोनी, बलराम कहार, गोलू कहार ने मिलकर कल्याण सिंह मसराम को मात्र 31 लाख 50 हजार रुपयों में बिकवा दी और उन्हें मात्र 5  लाख रुपया देकर 26 लाख 50 हजार रुपया हड़प कर लिया, साथ ही आदिवासी महिला श्रीमती धम्मी बाई को 2 वर्षो से बंधक बनाकर सिंगोड़ी में रखा गया है. 



इस आशय की शिकायत आज पुलिस अधीक्षक, कलेक्टर, पुलिस महनिदेशक, गृह मंत्री, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को कर तत्काल दोषियों को हिन्द मज़दूर किसान पचायत एवं राष्ट्रीय गोंडवाना किसान मज़दूर पंचायत ने गिरफ्तार कर बंधक बना कर रखी गयी धम्मी बाई को तत्काल रिहा कर रजिस्ट्री शून्य करने  की मांग की है. साथ ही आरोपियों के विरुद्ध महिला उत्पीड़न के साथ ही अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज करने की मांग भी की है.


उनके द्वारा इस आशय की सूचना पुलिस अधीक्षक छिंदवाड़ा पुलिस उपमहानिरीक्षक छिंदवाड़ा रेंज पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग दिल्ली राष्ट्रीय महिला आयोग कलेक्टर छिंदवाड़ा सहित अन्य अधिकारियों को दी जा चुकी है. वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुश्री अनुसुईया उईके के कार्यालय से उनके निजी सचिव द्वारा यह आश्वस्त कराया गया था कि इस प्रकरण में संबंधितों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, परंतु इस गंभीर प्रकरण में अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है. इस धोखाधड़ी को जिस तरह से अंजाम दिया गया है, इसमें उप पंजीयक चौरई सर्विस प्रोवाइडर चौरई जमीन क्रय करने वाला कल्याण सिंह मसराम तथा महिला की फर्जी इकरारनामा पंजीयक करने वाले लोगों का एक व्यवस्थित संगठित गिरोह है, जो बहुत ही शातिराना एवं व्यवस्थित तरीके से धोखाधड़ी को अंजाम देता है, चौरई तहसील के उप पंजीयक कार्यालय की यह दूसरी बड़ी घटना है, जिसमें इन सभी लोगों ने मिलकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया है.






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