मध्यप्रदेश : जबरदस्त संग्राम में प्रत्याशी चयन होगा अधिक महत्वपूर्ण




''जनता काम चाहती है, और उसके काम नहीं हो रहे. समस्याएं नहीं सुलझ रहीं. ऐसे में प्रत्याशी का चयन बहुत महत्वपूर्ण होगा. लम्बे समय से सत्ता से दूर कांग्रेस इस बार विधानसभा चुनाव के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है. वहीं बीजेपी भी कोई कोर कसर छोड़ने वाली नहीं है. कुल मिला कर संग्राम जबरदस्त होने वाला है.''

- बलभद्र मिश्रा   



प्रदेश में एन्टीइन्कम्वेंसी के सहारे कांग्रेस मान कर चल रही है कि उसका सत्ता में आना लगभग तय है, जबकि बीजेपी का कहना है कि प्रदेश में कोई एन्टी इन्कम्वेंसी नहीं है. मान तो कोई कुछ भी सकता है, लेकिन अति आत्म विश्वास जहाँ बीजेपी को भारी पड़ने वाला है वहीं कांग्रेस का भी एक एन्टीइन्कम्वेंसी के सहारे सत्ता की चाह पूरी हो जायेगी, ऐसा नहीं लगता. जनता काम चाहती है, और उसके काम नहीं हो रहे. समस्याएं नहीं सुलझ रहीं. ऐसे में प्रत्याशी का चयन बहुत महत्वपूर्ण होगा. लम्बे समय से सत्ता से दूर कांग्रेस इस बार विधानसभा चुनाव के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है. वहीं बीजेपी भी कोई कोर कसर छोड़ने वाली नहीं है. कुल मिला कर संग्राम जबरदस्त होने वाला है. 

कांग्रेस में राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने कह दिया है कि 60 साल के ऊपर के लोगों को टिकिट नहीं दिए जायेंगे. इसके बाद से कांग्रेस में 60 साल पार वालों में मायूसी बढ़ी और वह भाग दौड़ करने लगे. इस बीच अब ताजा बयान सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का आया है. इसमें उन्होंने बात को साधने की कोशिश की है कि 60 से 65 साल की आयु वाले नेता जो पूर्व में विधानसभा चुनाव जीते और मंत्री भी रहे, लेकिन पिछले चुनाव में हार गए. वे टिकट की जिद छोड़ दें और युवाओं को मौका दें.  

सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्यमंत्री पद के दावेदार भी माने जा रहे हैं. उनके इस प्रकार के बयान के बाद साफ़ हो गया है कि 60 साल वालों को खतरा पैदा हो गया है. अब जहाँ कांग्रेस में उम्रदराज मायूस हो गये हैं तो वहीं वहीं युवा नेताओं के चेहरे खिल रहे हैं. राजनैतिक विश्लेषकों की मानें तो इस पर फैसला होता है और 60 साल वालों की पसंद उनके मार्गदर्शन से अधिक नए चेहरों को आगे लाया जाता है तो कांग्रेस के लिए यह लाभ का सौदा होगा. 

इधर मध्यप्रदेश में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह की यह बात भी अहम् मायने रखती है कि कांग्रेस पार्टी जितनी जल्दी प्रत्याशियों की घोषणा करेगी उतना फायदेमंद होगा. उनका कहना है इसका लाभ विंध्य सहित पूरे प्रदेश में होगा. उन्होंने यह भी कहा भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए बसपा या गोंगपा या अन्य समान विचारधारा वाले राजनीतिक दलों से गठबंधन किया जा सकता है. हालांकि इसके लिए हाईकमान स्तर पर फैसला होगा.
(डिजीटल न्यूज़ सर्विस नेटवर्क )


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