फांसी में देर तो कोई और न लटका दे, सरकार को मुश्किल हो रहा सुरक्षा देना


''समय से न्याय नहीं होगा तो यही होगा, मंदसौर में सात साल की बच्ची से दरिंदगी करने वालों को फांसी होने तक बचाना सरकार को मुश्किल हो रहा है. दरिंदों के प्रति जनता में भारी आक्रोश है. यह आक्रोश प्रदेश भर की जेलों में बंद कैदियों तक जा पहुंचा है, ऐसे में फांसी में देर होने की स्थिति में दरिंदों को फांसी पर लटकाए जाने के पहले तक सुरक्षित रखना सरकार को मुश्किल हो रहा है.'' 

मंदसौर जिला जेल के जेलर ने दोनों आरोपियों को अपनी जेल में रखने से मना कर दिया है. जेलर का कहना है कि लोगों में इतना गुस्सा है कि जेल में उन्हें सुरक्षित रख पाना सम्भव नही होगा. जेल प्रशासन ने साफ-साफ कह दिया है कि दरिंदगी के आरोपियों इरफान और आसिफ को वहां रखा गया, तो दूसरे कैदी उनकी जान ले लेंगे. अभी दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं. अदालत ने दोनों को 5 जुलाई तक पुलिस रिमांड में भेजा है और लोगों में आक्रोश के चलते पुलिस अज्ञात जगह पर रखकर पूछताछ कर रही है. 

अपराधियों से ओवर भरी है जेल   
मंदसौर जेल प्रशासन का कहना है कि इन दोनों आरोपियों के प्रति पूरे शहर में भारी आक्रोश है. ऐसे में जेल भी इससे अछूती नहीं है. एक तो जेल में दोगुने से भी ज्यादा लोग बन्द हैं और दूसरे वहां कैदियों को अलग सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी नहीं है. जिला जेल में करीब 250 कैदी रखे जाने की क्षमता है, लेकिन वहां अभी करीब साढ़े पांच सौ कैदी रखे गए हैं. 

जेल प्रशासन ने साफ़ कह दिया है है कि अगर इरफान और आसिफ को वहां लाया गया तो उन्हें कैदियों के गुस्से से बचा पाना मुश्किल होगा. ऐसे में माना जा रहा है पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद उन दोनों को किसी दूसरे शहर की जेल में भेजा जा सकता है. कल 5 जुलाई को पुलिस रिमांड खत्म हो रहा है. दोनों की घिनौनी हरकत की वजह से प्रदेश भर की जेलों के कैदियों में भी आक्रोश की जानकारी मिल रही है. इसलिए, हर जेल में जान को खतरा हो सकता है.  

(डिजीटल न्यूज़ सर्विस नेटवर्क )
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