विकास दर में तेजी के कारण आपसी घर्षण से हरी घास में लगी आग


''विकास कार्यों में किसकी निधि से क्या काम हुआ और उसका भूमिपूजन कौन करेगा, को लेकर राजधानी भोपाल में जम कर बबाल हुआ है, जिसे लेकर प्रदेश भर में लोग चटखारे ले रहे हैं. भोपाल हुजूर विधानसभा के विधायक पर उन्ही की पार्टी के पार्षद का गुस्सा फूट पड़ा, यहाँ तक कि पार्षद पति ने माननीय विधायक को दलाल और चोर तक कह डाला. अपनी ही पार्टी के सांसद की कालर पकड़ ली और अभद्र गालियाँ परोस दी गईं. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जम कर वायरल हो रहा है. सवाल पार्टी पर उठ रहे हैं, यह कैसा अनुशासन है?  लोग लिख रहे हैं विकास दर में तेजी के कारण आपसी घर्षण से हरी घास में आग लग रही है.'' 

घटना भोपाल नगर निगम के कोलार इलाके के एक वार्ड की है, जहाँ से महिला पार्षद बनफूल मीणा हैं. महिला पार्षद एवं उनके पति श्याम मीणा का आरोप है कि पार्षद निधि से हुए कामों का भूमि पूजन अगर विधायक करेगा तो हम क्या करेंगे. मामला इतना बिगड़ गया कि गालीगलौच ओर हाथापाई तक कि नोबत आ गयी. बीच बचाब कर रहे सांसद आलोक संजर की ही कालर पकड़ ली गई. काफी अभद्र गालियाँ भी दी गईं, जिन्हें हम यहां लिख भी नहीं सकते. 

असल में कोलार के वार्ड 83 में जहां क्षेत्रीय विधायक रामेश्वर शर्मा और भोपाल सांसद आलोक संजर निर्माण कार्य का भूमिपूजन करने पहुंचे थे. जबकि निर्माण कार्य का भूमिपूजन क्षेत्रीय पार्षद मनफूल मीणा द्वारा पहले ही किया जा चुका है. बताया जा रहा है निर्माण कार्य पार्षद निधि से किया जा रहा है, जिसका श्रेय लेने के लिए विधायक दोबारा भूमिपूजन करने पहुंचे थे. इसी बात को लेकर पार्षद, विधायक और सांसद आपस में भिड़ गए. गाली गलौज के साथ शुरू हुए विवाद में हाथापाई की नौबत भी आ गई. 

विधायक रामेश्वर शर्मा सांसद आलोक संजर के साथ वार्ड 83 में निर्माण कार्य का भूमिपूजन करने पहुंचे थे. वहां श्यामसिंह मीणा पहले से ही अपने समर्थकों के साथ मौजूद थे. जैसे ही विधायक और सांसद पहुंचे, श्यामसिंह मीणा ने भाजपा के नारे लगाए और जैसे ही रामेश्वर शर्मा गाड़ी से उतरकर भूमिपूजन करने के आगे बढ़े, श्यामसिंह मीणा व उनकी पार्षद पत्नी मनफूल मीणा ने अपने समर्थकों के साथ उन्हें रोक दिया. बीजेपी के हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा, पार्षद पति श्यामसिंह मीणा से कह रहे हैं गाँव में तो घूम लेने दो. बीजेपी सांसद आलोक संजर कह रहे हैं हम भी तो बीजेपी के ही हैं, लेकिन बात नहीं बनी. आखिर विधायक रामेश्वर शर्मा और सांसद आलोक संजर को बिना भूमिपूजन के लौटना पड़ा.

उल्लेखनीय है कि एक लम्बे समय से पार्षद और उसके पति क्षेत्र की समस्याओं को लेकर बात उठा रहे थे, लेकिन अपनी ही पार्टी में उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया. ऐसे में क्षेत्र में यह भी चर्चा में है कि विधायक जबरदस्ती भूमिपूजन करना चाहते थे, और पार्षद विरोध न कर सके, के लिए बीजेपी सांसद को भी साथ में ले लिया, लेकिन मामला कहीं अधिक बिगड़ा हुआ था, सो सांसद की भी फजीहत हो गई. अब मामला पूरे प्रदेश स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है.  

कहा जा रहा है बीजेपी में जब अपनों की ही सुनवाई नहीं हो रही है, तो ऐसे में आम जनता का क्या हाल हो रहा होगा. पाटी ने पार्षद पति श्याम सुंदर मीणा को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है, लेकिन यह समाधान नहीं माना जा रहा. 

सोशल मीडिया पर कुछ ख़ास प्रतिक्रियायें    
पत्रकार श्री रोशन नेमा जी ने लिखा है ''विकास दर में तेजी के कारण आपसी घर्षण से हरी घास में आग लग रही है.'' 

भोपाल से ही की पत्रकार ममता यादव जी ने लिखा है चंदा मामा की असल में भूमि पूजन को लेकर खुलेआम बेईज्जती तो आज हुई है. करीब 2 साल पहले एक सीएमओ  को गरिया दिया था, किसी कार्यक्रम में न बुलाने पर. एक कांग्रेस पार्षद के एरिया में भी ये दोबारा सड़क का भूमिपूजन करने पहुंच गए थे. यूँ इस तरह के चर्चे खर्चे और घटनाएं आम हैं. ये अलग बात है कि कोलार की कई कालोनियां बारिश में मड कार रैली के लायक हो जाती हैं. खैर कोई बात नहीं खबर फिर भी बनती है. भाजपाई सांसद, विधायक, पार्षद और पार्षद पति और मां-बहन की गालियां. हो गया भूमि पूजन. 

वहीं श्री  प्रदीप मारण जी लिख रहे हैं हुजूर में टाईम बम फूट गया, कोलार में धमाका, आबाज पूरे मध्यप्रदेश में. 


श्री गौरव शर्मा लिख रहे हैं हुजूर की जनता की बात ही बड़ी निराली है, गले लगाना भी जानती है, और जूता मारना भी.

श्री मनीष वर्मा जी में क्क़मेंट किया है विडियो देखकर अब साबित हो चुका इन लोगों को जनता से कोई लेना देना नही है. चाहे विधायक हो या सांसद, सभी अपनी जेब भरने में लगे हुये हैं. ऐसे नेताओ का सभी जगह बहिष्कार होना चाहिए.  

वायरल वीडियो -

(डिजीटल न्यूज़ सर्विस नेटवर्क )
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