विधायक टिकिट का लालच देकर किया बलात्कार, बसपा प्रदेशाध्यक्ष नर्मदा प्रसाद पर छेड़छाड़ का मामला दर्ज


''बाप रे क्या राजनीति है, विधायक टिकिट का लालच देकर बलात्कार का मामला सामने आया है. बसपा प्रदेशाध्यक्ष नर्मदा प्रसाद पर छेड़छाड़ का मामला भोपाल के टी टी नगर थाने में दर्ज हुआ है. मामला बसपा कार्यकर्ता ने ही दर्ज कराया है.''

विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश के तीसरे बड़े राजनीतिक दल बहुजन समाज पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नर्मदा प्रसाद अहिरवार के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज हुआ है. राजधानी की टीटी नगर थाना पुलिस ने बसपा की महिला कार्यकर्ता की शिकायत पर अहिरवार एवं अन्य को आरोपी बनाया है. महिला का आरोप है कि नर्मदा ने उसके साथ पार्टी के प्रदेश कार्यालय में ही छेड़छाड़ कर बलात्कार किया, साथ ही मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी दी. बसपा नेता के खिलाफ ऐसे समय में मामला दर्ज हुआ है, जब विधानसभा चुनाव में भाजपा को पटकनी देने के लिए प्रमुख विपक्ष कांग्रेस और बसपा हाथ मिलाने की तैयारी में हैं. पुलिस में शिकायत करने वाली महिला बसपा की पुरानी कार्यकर्ता है. 

महिला मूल रूप से सीहोर की रहने वाली है. वर्तमान में भोपाल के पंचशील नगर में किराए के मकान में रहती है. महिला ने भोपाल पुलिस को 19 जून के बाद तीन आवेदन दिए. पिछले हफ्ते टीटी नगर थाना पुलिस को जो आवेदन दिया था, उसकी जांच के बाद पुलिस ने नर्मदा प्रसाद अहिरवार एवं अन्य के खिलाफ धारा 354, 506 एवं सायबर अपराध का मामला दर्ज किया है. 

महिला का आरोप है कि नर्मदा प्रसाद पद देने के नाम पर 74 बंगला स्थित पार्टी कार्यालय डी-15 बुलाता था, जहां उसने छेडछाड़ की. पुलिस में शिकायत दर्ज करने के बाद अहिरवार के करीबी महेश कुशवाह निवासी मुरैना ने उसे अश्लील फोटो भेजे. महिला ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि लोकलाज के डर से उसने शिकायत नहीं की, लेकिन जान से मारने की धमकी मिलने एवं प्रताडि़त करने पर वह पुलिस में गई. केस दर्ज होने के बाद अहिरवार के बयान दर्ज हो चुके हैं, उसने पुलिस को बताया कि शिकायतकर्ता मेरी बेटी जैसी है. पद नहीं मिलने की वजह से वह झूठे आरोप लगा रही है.

पार्टी में रहना है तो यह सब करना होता है 
महिला ने शिकायत में बताया कि घटना को लेकर बसपा नेता राजाराम को बताया तो उन्होंने मदद करने की वजाए कहा कि पार्टी में रहना है तो ये सब करना पड़ता है. नहीं तेा फिर तुम्हें जो अच्छा लगे वैसा करो. मैंने थाने में बयान दे दिया है. वह पार्टी में पद मांग रही थी. 4 जून को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव की मौजूदगी में साढ़े तीन हजार कार्यकर्ताओ के बीच वह उत्पात मचा चुकी है. सारे आरोप झूठे हैं. उसे 11 जून को पार्टी से निकाला जा चुका है.

महिला का कहना है कि इस प्रकरण से मैं बहुत डिस्टर्व हो गई हूं. पार्टी में किसी ने भी मेरा सहयोग नहीं किया. 
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