यह कैसा विकास, खुल रही पोल, यहाँ नहीं पहुंचेगी विकास यात्रा?




मध्यप्रदेश की सत्ता पर काबिज भाजपा इन दिनों अपनी सरकार के विकास कार्यो का ढिंढोरा पीटने गांव गांव विकास यात्रा निकाल रही है. इसमें जम कर विकास कार्य न होने या विकास कार्यों में भ्रष्टाचार किये जाने की पोल खुल रही है. और यात्रा प्रभारी मंत्री सांसद/बीजेपी विधायकों को जनता के विरोध का सामना करना पड़ रहा है. होशंगाबाद की तहसील पिपरिया का यही चित्र देख लीजिये, आखिर विरोध क्यों न हो. 

खापरखेड़ा से सांडिया तक हाल ही में बनी सीमेंटेड नहर का घटिया निर्माण किसानों के बीच काफी जनचर्चा का विषय बना हुआ है. जिला कलेक्टर तक के पास मीडिया ने घटिया नहर निर्माण की शिकायत की है. किसानों की जीवन रेखा मानी जाने वाली इस नहर के घटिया निर्माण पर भाजपा के जनप्रतिनिधि मौन साधे हुए हैं. यदि ऐसा ही मौन बना रहा, तो विकास यात्रा में जनता अपने जनप्रतिनिधियों से जवाब अवश्य मांगेगी. विरोध का सामना करना पडेगा. सो अब जनप्रतिनिधि यह देखने लगे हैं कि कहीं कोई समस्या नहीं हो, वहीं विकास यात्रा निकाली जाए. मतलब यह कि जहाँ विकास नहीं हुआ या घटिया हुआ वहां विकास यात्रा नहीं पहुंचेगी. सही भी है विकास ही नहीं फिर कैसी विकास यात्रा. 

हाल में ऐसी ही स्थिति के कारण भोपाल के हुजूर क्षेत्र से विधायक रामेश्वर शर्मा को क्षेत्र में जनता के विरोध का सामना करना पड़ा था. श्योपुर में भी नाहर के मामले को लेकर सांसद अनूप मिश्रा की विकास यात्रा का 35 गाँव के किसानों ने वहिष्कार कर विरोध जताया है. 

इन गांव के किसानों की मानें तो जब नहर बन रही थी, तब भाजपा की सत्ता की दलाली करने वाले रोजाना यहाँ पर रेत-गिट्टी का हिसाब करते देखे गए, परंतु अब जब नहर का सीमेंट जगह जगह से उखड़ रहा है, तो कोई भी जनप्रतिनिधि आवाज नहीं उठा रहा है, जबकि सभी के सामने नहर का घटिया निर्माण उजागर हो चुका है. वहीं अब नहर विभाग के अधिकारी एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल कर बचने का प्रयास कर रहे हैं. 

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मध्यप्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और सांसद नंद कुमार सिंह चौहान को किसानों ने गांव से बिना सुने वापस किया. 
सीहोर से विनय द्विवेदी 





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