यूपीएससी पास किए बिना बनेंगे अफसर, सिविल सेवा अधिकारियों के पंख कतरने का पुख्ता इंतजाम



बड़ी खबर .. बड़ी खबर ... बड़ी खबर ....




''मोदी सरकार ने आखिर सिविल सेवा के अधिकारियों के पंख कतरने का पुख्ता इंतजाम कर ही दिया. नई व्यवस्था के तहत अधिकारी बनने के लिए अब यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा पास करना जरूरी नहीं होगा. दरअसल मोदी सरकार ने नौकरशाही में प्रवेश पाने का अब तक सबसे बड़ा बदलाव कर दिया है. फैसले के बाद अब प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले सीनियर अधिकारी भी सरकार का हिस्सा बन सकते हैं.''



@ किशोर कुमार /डिजिटल इंडिया 18 ऑनलाइन  




अब प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले सीनियर अधिकारी भी सरकार का हिस्सा बन सकते हैं. लैटरल एंट्री के जरिए सरकार ने इस योजना को नया रूप दिया है. आज रविवार को इन पदों पर नियुक्ति के लिए डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनेल ऐंड ट्रेनिंग (DoPT) के लिए विस्तार से गाइडलाइंस के साथ अधिसूचना जारी की गई.

पूर्ववर्ती राजग सरकार के समय अलबबिहारी वाजपेयी ने रिलायंस की बंबे सर्वबन इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी (बीएईएस) के चेयरमैन आरबी शाही को विद्युत मंत्रालय का सचिव बनाया था और वे किसी आईएएस से ज्यादा दूरदृष्टि वाले साबित हुए थे, उस लिहाज से यह फैसला अच्छा माना जा रहा है. 

प्राइवेट कंपनी में काम करने वालों को भी मौका शुरू से ही पीएम नरेन्द्र मोदी ब्यूरोक्रेसी में लैटरल एंट्री के के हिमायती रहे हैं. इसलिए सरकार अब इसके लिए सर्विस रूल में जरूरी बदलाव भी करेगी. डीओपीटी की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार मंत्रालयों में जॉइंट सेक्रटरी के पद पर नियुक्ति होगी. इनका टर्म 3 साल का होगा और अगर अच्छा प्रदर्शन हुआ तो 5 साल तक के लिए इनकी नियुक्ति की जा सकती है.

इन पदों पर आवेदन के लिए अधिकतम उम्र की सीमा तय नहीं की गई है. जबकि न्यूनतम उम्र 40 साल है. इनका वेतन केंद्र सरकार के अंतर्गत जॉइंट सेक्रटरी वाला होगा. सारी सुविधा उसी अनुरूप ही मिलेगी. इन्हें सर्विस रूल की तरह काम करना होगा और दूसरी सुविधाएं भी उसी अनुरूप मिलेंगी. आवेदन देने की अंतिम तारीख 30 जुलाई तय की गई है. चयन के लिए बस इंटरव्यू होगा और कैबिनेट सेक्रटरी के नेतृत्व में बनने वाली कमिटी इनका इंटरव्यू लेगी. योग्यता के अनुसार सामान्य ग्रेजुएट और किसी सरकारी, पब्लिक सेक्टर यूनिट, यूनिवर्सिटी के अलावा किसी प्राइवेट कंपनी में 15 साल काम का अनुभव रखने वाले भी इन पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे. आवेदन में योग्यता इस तरह तय की गई है कि उस हिसाब से कहीं भी 15 साल का अनुभव रखने वालों के लिए सरकार के टॉप ब्यूरोक्रेसी में डायरेक्ट एंट्री का रास्ता खुल गया है.



कुछ खास प्रतिक्रियायें - 
बन्द खिड़कियों से बाहर की ताजा हवा नहीं आती 

श्री Chand K Sharma जी बता रहे हैं - ''सरकारी अफसरों की सोच कूयें के मैण्डक जैसी हो जाती है, फाईल आगे गयी, रिमार्क्स देखे - सीनियर कया सोच रहा है, उसी तरह के टिप्पणी कर के फाईल आगे या नीचे भेज दी. यही चलता है. बन्द खिड़कियों से बाहर की ताजा हवा नहीं आती. अब सरकारी अफसर कम्पीटीशन में आयेंगे तो अच्छा ही होगा. टाइम काटने वालों के लिये तकलीफ बढ़ेगी.'' 

श्री Manoj Khare जी लिखते हैं -''जैसे उर्जित पटेल के दिन फिरे, वैसे बहुतों के फिरेंगे.''


श्री Anil Kumar जी लिख रहे हैं ''पहल अच्छी है, भाई भातीजाबाद से बच सके तो..''


श्री BL Gupta Madhav Das जी लिखे हैं- ''सरकार का अच्छा निर्णय, लेकिन जो lateral entries हों, वे राजनीतिक नज़रिए और प्रभाव से मुक्त हों, अन्यथा बहुत नकारात्मक परिणाम देश के सामने होगा. 


श्री Sewa Sharan जी लिखा रहे हैं -''IAS का full form ही होना चाहिए-Indian Ass Service. ज्यादातर एक रोबोट की तरह काम करते हैं और केवल अपना प्रोमोशन, माल इत्यादि से ज्यादा कुछ नहीं सोचते. और यदि कोई सोचता है तो उसके काम में अंगुली करना ही अपनी ड्यूटी समझते हैं. एक IAS होने की जबरदस्त EGO पालकर बैठते हों और इसके लिए जबर्दस्त lobbying करके सरकार को अपने हिसाब से निर्णय लेने को विवश करते हैं. ज्यादातर निकम्मे हैं.




Share on Google Plus

News Digital India 18

पाठकों के सुझाव सदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है ..

0 comments:

Post a Comment

abc abc