विकट समय में एक उम्मीद है यह तस्वीर




स्थानान्तरण को लेकर सरकारों के पास कोई इमानदारी से नीति नहीं है. कहा जाता है यह भी व्यवसाय बन गया है. पैसे का बड़ा खेल चलता है. लेकिन ये पैसे का खेल करने वाले नहीं जानते कि असली पैसा कमाई क्या होती है? असली कमाई क्या होती है देखना है तो यह तस्वीर काफी है. 




@ निखिल कुमार झा

यह तस्वीर गुरु-शिष्य का अगाध प्रेम और बिछड़ने का दुखांत है. ये तस्वीर तमिलनाडु के वेलिएगाराम गांव के सरकारी विद्यालय के अंग्रेजी अध्यापक तथा उनके स्कूल के बच्चों की है. अध्यापक का स्थानांतरण हो चुका है और आज विद्यालय में उनका अंतिम दिन है. लेकिन बच्चे हैं कि उनको जाने देने को तैयार ही नहीं.

रोते-बिलखते बच्चों की तस्वीर यह बयां करती है कि अध्यापक ने वो कमाया है, जिसके सामने शहंशाहों का खजाना भी खाक है.
(डिजीटल न्यूज़ सर्विस नेटवर्क)  





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