दोस्ती की कूटनीति में फंस रहे कमलनाथ, लोगों को याद आ रही केजरीवाल की ख़ास लाइन 'सब मिले हुए हैं जी'




''मुख्यमंत्री शिवराज राजनीति के मंजे हुए खिलाड़ी हैं. वे कमलनाथ को एक खास 

कूटनीति के तहत घेर रहे हैं. कमलनाथ की मुख्यमंत्री शिवराज से नजदीकियां वाले 

चित्र लोगों को केजरीवाल की ख़ास लाइन ''सब मिले हुए हैं जी'' याद दिला रही है. 

ऐसा ही चलता रहा तो कमलनाथ-शिवराज की दोस्ती से निश्चित ही 

कांग्रेस को भारी नुकसान हो सकता है.''



डिजिटल इंडिया 18 ऑनलाइन    
छतरपुर के बाद शाजापुर मंडी प्रांगण में 9 जून,18 को हुए "कृषक समृद्धि योजना "के कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीकांत बनोठ, एसपी शैलेंद्रसिंह चौहान दोनों हाथ ऊंचे कर BJP सरकार पुनः लाने का संकल्प लेते हुए कैमरे में कैद हुए. कुछ ही दिनों पहले हमने IAS सुश्री प्रियंका दास-सोफ़िया को भी देखा है. इन्हें लेकर कांग्रेस सवाल उठा रही है, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ भी क्या ऐसा ही कुछ नहीं कर रहे?

हाल में  कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की मुख्यमंत्री शिवराज से दोस्ती बराबर परवान चढ़ती दिख रही है. एक ओर वे शिवराज पर हमला करते हैं, दुसरी ओर उनके साथ हँसते-मुस्कुराते साथ के चित्र बार बार सोशल मीडिया वायरल हो रहे हैं. 

माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज राजनीति के मंजे हुए खिलाड़ी हैं. वे कमलनाथ को एक खास कूटनीति के तहत घेर रहे हैं. कमलनाथ की मुख्यमंत्री शिवराज से नजदीकियां वाले चित्र लोगों को केजरीवाल की ख़ास लाइन ''सब मिले हुए हैं जी'' याद दिला रही है. ऐसा ही चलता रहा तो कमलनाथ-शिवराज की दोस्ती से निश्चित ही कांग्रेस को भारी नुकसान हो सकता है. 

पूर्व में कमलनाथ शिवराज सिंह के साथ हाथ में हाथ डाल कर खिलखिलाते नजर आये थे, अब ईद के मौके पर एक बार फिर वह शिवराज के साथ उसी अंदाज में नजर आये. सोशल मीडिया पर लोग मजे लेते हुए लिख रहे हैं ''ये सब एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं'', तो कोई लिख रहा है ''देश बदल रहा है, दोनों पार्टी के नेता एक मंच पर देखने मिलने लगे हैं.'' लोग लिख रहे हैं एक ख़ास कूटनीति के तहत शिवराज कोई मौका नहीं छोड़ रहे और कमलनाथ उसमें फंसते नजर आ रहे हैं. 

हम तो चाहेंगे इनकी दोस्ती ऐसे ही खूब परवान चढ़े, बस थोड़ा जनता का भला भी हो. देखें ख़ास वीडियो- 


अबे तो आवाज दो हम एक हैं   


फोटो पर भोपाल से कवि श्री सचिन चौधरी जी ने तो बुंदेली बौछार कर दी है. देखिये- 

कार्यकर्ता तुम लड़ो शिद्दत से
हम मिलके काटें ईद को केक है 
चुनाव जब हुईये तब देखहें
अबे तो आवाज दो हम एक हैं

हम उनकी माफ करें वे हमाई करें 
हम दोऊ एक दूसरे खों नेक हैं 
तुम लड़ो ढोरों जैसे हमरी खातिर 
पर हममे तो भौत बुद्धि विवेक है

किसान मर रओ देखो खेतों में अपने
पानी सें अन्न के बोरा सड़ रये अनेक हैं 
हमसे न कछु करियो हो उम्मीद प्यारे 
दोऊ जनें एक दूसरे खों ट्विटर पे देखहें

जनता खों उल्लू बनाएं हम कबसें
समझदार तो इनमें बचे कितेक हैं 
नवंबर में फिर गरयायें एक दूजे खों
अबे तो आवाज दो हम एक हैं..




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