कभी तो सर उठा के बात करो, सम्वादहीनता एक बहुत बड़ा रोग



आज सम्वादहीनता एक बहुत बड़ा रोग बन गई है. कैंसर और एड्स जैसी तमाम बीमारियों का तो इलाज है, पर इस बीमारी का, जो आजकल करीब करीब हर घर में प्रवेश कर गयी है, कोई इलाज दूर दूर तक नहीं दिख रहा. इस बीमारी का शिकार लगभग हर उम्र के लोग बन रहे हैं. क्या बच्चे, क्या बड़े, क्या बूढ़े, हर रिश्ता इससे प्रभावित हो रहा है.
संवादहीनता के कारण बड़े से बड़े परिवार मानसिक व्याधियों के शिकार हो गए हैं. में समय रहते इस तरफ ध्यान देना होगा. कभी तो सर उठा के बात करो. 


और यह भी 
यूँ ही कभी कभी..

कभी कभी यूँ ही
हम सब मिल लेते हैं
मन के अवसाद मिलकर
आँसू से धो लेते हैं
किस बात पर कौन रूठा
किस बात पर है टूटा
अन्तस् के भीतर झाँक
हम लेते हैं सब आँक
ऐसे ही संजीवनी
मिल चख लेते हैं
कभी कभी यूँ ही
हम सब मिल लेते हैं
रोज रोज की भाग दौड़
रोज रोज की खींचातानी
नहीं हमारे पास है
सुनने को नई कहानी -
बस सखियों की बातें हैं
जिन पर हँस लेते हैं
कभी कभी यूँ ही
हम सब मिल लेते हैं!

@ सीमा "मधुरिमा" लखनऊ 




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