बीजेपी अध्यक्ष ने राहुल के भाषण को द्वेष और अपरिपक्वता से भरा हुआ बताया


भोपाल. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी खुद के लिए सपने देखते-देखते दूसरों को भी सपने दिखाने के आदि हो गये हैं. वे जिस प्रकार की बातें सार्वजनिक मंच से करते हैं, उससे यह प्रश्न उठता है कि आखिर राहुल गांधी बड़े कब होंगे. मंदसौर में राहुल गांधी के भाषण पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पार्टी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा है कि राहुल गांधी का पूरा भाषण द्वेष और अपरिपक्वता से भरा हुआ था. उन्होंने किसानों की आत्महत्या का जो आंकड़ा प्रस्तुत किया है, उसका आधार शायद उन्हें भी पता नहीं होगा, लेकिन उनके पास इस बात का क्या जवाब है कि 60-65 सालों के उनकी पार्टी के कार्यकाल में विभिन्न राज्यों में किसानों के साथ क्या-क्या हुआ. अच्छा होता वे मध्यप्रदेश की धरती पर आकर मुलताई हत्याकांड के मृत किसानों के प्रति भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते.

कांग्रेस की सरकार बनने पर 10 दिन के भीतर किसानों के कर्जे माफ करने की घोषणा पर राकेश सिंह ने कहा राहुल गांधी को शायद यह जानकारी नहीं है कि मध्यप्रदेश में सिर्फ 0 प्रतिशत ब्याज पर किसान को कर्ज मिलता है बल्कि उसे 10 प्रतिशत का अनुदान भी दिया जाता है, तो किसान कर्ज के बोझ तले कैसे दबेगा? उन्होंने कहा हमारी सरकार बनने के बाद किसानों को व्यापक सिंचाई सुविधाएं दी गई हैं, खाद्य बीज दिया जा रहा है उससे मध्यप्रदेश में बम्पर उत्पादन हो रहा है, जिसके आधार पर मध्यप्रदेश को 5 कृषि कर्मण अवार्ड मिल चुके हैं, हम राहुल जी को बताना चाहते हैं कि इनमें से 2 पुरस्कार उनकी ही केंद्र सरकार ने दिये थे.

राहुल गांधी द्वारा किसानों से रिश्वत लिये जाने की बात पर राकेश सिंह ने कठोर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मैं राहुल गांधी को चुनौती देता हॅू कि वे इस बात के प्रमाण लेकर आयें. मुझे यह पक्का भरोसा है कि राहुल गांधी ने आज किसानों से बैंक में रिश्वत लेने की जो बात कही है वह उनका भाषण लिखने वालो ने नहीं लिखकर दी होगी. दरअसल जब जब राहुल गांधी लिखा देखे बिना स्वयं कुछ बोलते हैं तब-तब इसी प्रकार की बातें करते हैं. उन्होंने कहा राहुल गांधी को अपने इस आरोप के लिए मुख्यमंत्री और उनकी सरकार से मांफी मांगना चाहिए. 

राकेश सिंह ने कहा कि दरअसल मध्यप्रदेश के किसान की खुशहाली और पूरे देश में हो रही तेज प्रगति से कांग्रेस का भविष्य में सरकार में लौटने का सपना चकनाचूर हो चुका है. इसी बात से श्री राहुल गांधी भयभीत हैं. वे ‘नाच न जाने आंगन टेढ़ा’ की कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं. कांग्रेस के नेताओं को ज्यादा संख्या लाने पर विधानसभा का टिकट लालच दिए जाने के बावजूद मंदसौर में कांग्रेस की सभा बुरी तरह फ्लॉप हुई है, क्योंकि मध्यप्रदेश के किसानों को यह समझ में आ गया है कि कांग्रेस के मुंह में राम बगल में छुरी थी.

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News Digital India 18

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