यूपी में भ्रष्टाचार पर यह जीरो टालरेंस, शिकायत करने वाले को ही अन्दर कर दिया



वरिष्ठ अधिकारी की शिकायत करना अभिषेक गुप्ता को महँगा पड़ गया है. 

मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत के बाद 

योगी सरकार ने उसे ही गिरफ्तार करा दिया है. 

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रमुख सचिव एसपी गोयल पर 25 लाख की रिश्वत मांगने की शिकायत करने वाले अभिषेक गुप्ता को पुलिस ने आज गिरफ्तार कर लिया. भाजपा के प्रदेश मुख्यालय के प्रभारी भारत दीक्षित ने अभिषेक गुप्ता के खिलाफ हजरतगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.


दीक्षित ने एफआईआर में कहा था कि अभिषेक ने अपने निजी स्वार्थ के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के नाम का बेजा इस्तेमाल किया. दीक्षित ने पुलिस को दिये पत्र में लिखा कि उन्हे मुख्यमंत्री सचिवालय में विशेष सचिव सुभ्रांत शुक्ला के जरिए अभिषेक की कारगुजारी का पता चला जिसके बाद उन्होंने उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का फैसला किया. पुलिस का कहना है कि हजरतगंज थाने में अभिषेक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 501 और 420 के तहत मामला दर्ज किया गया है. 

उधर अभिषेक के परिजनों ने मुख्यमंत्री आवास पहुंच कर न्याय की गुहार लगाई. उनका कहना है कि आवाज दबाने के लिए अभिषेक को पुलिस ने हिरासत में लिया. इस बीच मुख्यमंत्री ने मामले पर गंभीर रूख अपनाते हुये मुख्य सचिव राजीव कुमार को हरदोई के निवासी अभिषेक गुप्ता के पेट्रोल पम्प की स्थापना संबन्धी मामले की तथ्यात्मक स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिये हैं.  

अभिषेक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रमुख सचिव गोयल पर 25 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था, जिसके बाद कल रात उसके खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर किया था. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि भाजपा के प्रदेश कार्यालय प्रभारी भारत दीक्षित ने एक तहरीर दी थी, जिसमें लिखा था कि अभिषेक भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का नाम लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय में अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था. इससे पार्टी की छवि धूमिल हुई. पुलिस अभिषेक से पूछताछ कर रही है. 

अभिषेक ने राज्यपाल से शिकायत की थी कि हरदोई जिले की संडीला तहसील केरैसो गांव में पेट्रोल पंप की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के एक अधिकारी ने उससे 25 लाख रुपए की रिश्वत मांगी, जिसे मना करने पर उसके प्रत्यावेदन पर निर्णय नहीं हो पाया. राज्यपाल ने मामले में समुचित कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था.

उधर, मुख्यमंत्री आवास पहुंचे अभिषेक के परिजनों ने कहा कि पुलिस अभिषेक को कहां ले गयी है, उन्हे पता नहीं है. उन्होने गाजीपुर और हजरतगंज पुलिस से संपर्क किया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. उन्होने कहा कि अभिषेक पर अनर्गल आरोप लगाये गये हैं.
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News Digital India 18

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