दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय की कुर्की के आदेश की तामील, कभी भी हो सकती है कुर्की की कार्यवाही


दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डीपीसीसी) का ऑफिस कुर्क करने की कार्यवाही के रास्ते खुल गए हैं. अब यह कार्यवाही कभी भी हो सकती है. तीस हजारी कोर्ट ने 94,828,05 रुपये की अदायगी नहीं करने के आरोप में तीस हजारी अदालत के सेशन जज सुनील बेनीवाल ने 23 फरवरी 2018 को डीपीसीसी के ऑफिस को कुर्क करने का आदेश दिया था, लेकिन आदेश की तामीली इतने दिनों तक भी नहीं हो सकी थी. अब दिल्ली पुलिस और डीपीसीसी को कुर्की वारंट की तामील करा दी गई है.

@ सतेन्द्र नाथ श्रीवास्तव 

दरअसल, डीपीसीसी ऑफिस बनवाने के लिए वर्ष 2001 में टेंडर निकाले गए थे. बिल्डिंग बनाने का ठेका वीजी कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला. कंपनी ने वर्ष 2003-2004 में ऑफिस बनाकर तैयार कर दिया. जब ऑफिस बन रहा था उस समय डीपीसीसी के अध्यक्ष रामबाबू शर्मा और दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित थीं. 


कंपनी के प्रोपराइटर विनोद गोयल के मुताबिक ऑफिस बन गया, लेकिन उनका पैसा रामबाबू शर्मा और शीला दीक्षित के बीच टकराव के कारण फंस गया। इस बीच विनोद ने अपने पैसे निकालने के लिए काफी जोर-आजमाइश की, लेकिन उनकी कहीं नहीं सुनी गई. थक-हारकर उन्होंने वर्ष 2005 में मामले की शिकायत हाई कोर्ट में की. हाई कोर्ट में कुछ दिन सुनवाई चली. इसके बाद मामले को हाई कोर्ट ने तीस हजारी कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया. करीब 13 वर्ष तक चली लंबी लड़ाई के बाद तीस हजारी के सेशन कोर्ट ने 6 जनवरी 2017 को डीपीसीसी को आदेश दिया कि वह 9482805 रुपये वीजी कंस्ट्रक्शन को दे. इसके बावजूद कंस्ट्रक्शन कंपनी को पैसा नहीं दिया गया. इसके खिलाफ कंपनी ने फिर से कोर्ट में गुहार लगाई. 

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