सरकारी स्कूलों की सेहत सुधारने कलेक्टर ने कराया अपनी बेटी का दाखिला


''स्कूलों के बिगड़ते हालात से परेशान सरकार जहाँ कई हजारों स्कूल बंद करने जा रहे है वहीं एक कलेक्टर ने अपनी बेटी का दाखिला सरकारी स्कूल में करा कर सबको चौंका दिया है.'' 

सरकारी स्कूलों पर हमेशा से ही पढ़ाई-लिखाई को लेकर सवालिया निशान लगते ही रहे हैं. शिक्षा बहुत जरूरी है, सरकार स्कूल चलें अभियान भी चलाती है, लेकिन स्कूलों के हालात नहीं सुधर रहे. ऐसे में सरकार हजारों स्कूल बंद करने जा रही है. ऐसे में छत्तीसगढ़ में कवर्धा जिले के कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने अपनी बच्ची का दाखिला सरकारी स्कूल में करा कर एक नया उदाहरण पेश किया है. 

कवर्धा जिले में नव पदस्थ कलेक्टर अवनीश कुमार शरण हमेशा से शिक्षा के विषयों को लेकर चर्चा में रहते हैं. यह हमेशा ही शिक्षा को प्राथमिकता देते रहे हैं. इससे पहले अवनीश बलरामपुर में पदस्थ थे. जहां उन्होंने अपनी बेटी को पहले 1 साल तो आंगनबाड़ी भेजा. इसके बाद अपनी बेटी का दाखिला बलरामपुर के ही सरकारी स्कूल में करवाया. अवनीश शरण का मानना है कि इससे दूसरों की भी सरकारी स्कूल के प्रति धारणा बदलेगी. शिक्षा के प्रति गंभीरता और उसमें सुधार के लिए इस पहल को जारी रखते हुए अपने बेटी का दाखिला एक सरकारी स्कूल में ही करवाया.

शाला के एच. एम. श्री गुप्ता ने वेदिका की आरती उतार मिठाई खिलाई
कलेक्टर श्री अवनीश शरण का मानना है कि उच्च अधिकारियों द्वारा इस तरह की पहल से आम जन को भी प्रेरणा मिलती है. बता दें कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने शासकीय प्रमुख प्राथमिक शाला में बेटी वेदिका का एडमिशन पहली कक्षा में करवाया है. वहीं दाखिला के पहले ही दिन वेदिका बच्चों के साथ पढ़ाई करते हुए दिखी और दोपहर की भोजन स्कूल में ही किया. इस मौके पर प्रमुख प्राथमिक शाला के एच. एम. श्री गुप्ता ने नये एडमिशन लेने वाले वेदिका की आरती उतार उसे मिठाई खिलाई.

स्कूल में उत्साह का माहौल, शिक्षकों ने माना अब पढ़ाई और व्यवस्था पर ज्यादा ध्यान देना पड़ेगा
इस विद्यालय के प्राचार्य का कहना है कि इस स्कूल में कलेक्टर सर की बेटी की दाखिला से कोई परिवर्तन नही होगा क्योंकि स्कूल जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से लगा हुआ है. जिसके कारण पहले से सतत मॉनिटरिंग होती रही है. वही वहां पदस्थ अन्य शिक्षक का मानना है कि वेदिका की दाखिला के बाद पढ़ाई और व्यवस्था में ज्यादा ध्यान देना पड़ेगा. हालांकि बच्ची के दाखिले के बाद स्कूल का माहौल उत्साहित हो गया है.

छात्रों का मानना है कलेक्टर सर की बेटी के दाखिला के बाद स्कूल में पढ़ाई और बेहतर हो जाएगी
वही यहां पढ़ाई करने वाले छात्रों का मानना है कि कलेक्टर सर की बेटी की दाखिला के बाद इस स्कूल में पढ़ाई और बेहतर हो जाएगी. जिले के कलेक्टर की इस पहल की सभी तरफ खूब चर्चा हो रही है. लोग अवनीश शरण के इस कदम की खूब तारीफ कर रहे हैं. वहीं इस पहल के बाद जिले के सरकारी स्कूलों की व्यवस्था और भी बेहतर होने की संभावना जताई जा रही है. 

उल्लेखनीय है कि यह वही स्कूल है, जहां से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने भी अपनी पढ़ाई की शुरुआत की थी. साथ ही यह प्रदेश का पहला सरकारी स्कूल है जहां इस सत्र से में इंग्लिश मीडियम की पढ़ाई होगी.
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News Digital India 18

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