मोदी जी आप इतिहास खोदिये, पूर्व-मध्य रेलवे में लाश घोटाला निकल आया


''रेलवे में एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है. रेल के जी एम ने 100 से अधिक मामलों में दोबारा क्लेम भुगतान किया. दरअसल रेलवे अधिकारियों की मिलीभगत से कुछ लोग घटनात्मक क्लेम में हेराफेरी करते थे.'' 




@ सतेन्द्र नाथ श्रीवास्तव  

यह मामला तब उजागर हुआ जब सीएजी की टीम जांच के लिए तत्पर हुई. पूर्व-मध्य रेलवे के क्लेम ट्रिब्यूनल में यात्रियों की मौत पर मिलने वाले मुआवजे (डेथ क्लेम) के नाम पर बड़ी हेराफेरी का मामला उजागर हुआ है. सितंबर 2015 से अगस्त 2017 के बीच ट्रेन से गिर कर या फिर कटने से होने वाली मौतों पर मिलने वाली मुआवजे की राशि में यह घोटाला किया गया है.

इस वित्तीय गड़बड़ी का पता तब चला जब दिल्ली से कैग (सीएजी) की ऑडिट टीम जांच करने ट्रिब्यूनल पहुंची. ऑडिट में पता चला कि दो साल में मुआवजे के संबंध में जितने भी आदेश जारी किए गए हैं, उनमें अधिसंख्य मामलों में भुगतान करने का आदेश मिलने के बाद जांच रिपोर्ट्स भेजी जाती थी.

मनमर्जी का आलम यह था कि घटना बेगूसराय की है तो जांच रिपोर्ट बक्सर रेल पुलिस द्वारा भेजी जाती थी. रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल की ओर से सितंबर 2014 से जुलाई 2015 के बीच लगभग दो वर्ष में 789 मामलों का निष्पादन किया गया. वहीं सितंबर 2015 से अगस्त 2017 तक लगभग दो साल में 2564 मामलों का निष्पादन किया गया. इस दौरान लगभग 151 करोड़ का भुगतान किया गया. 100 से अधिक मामलों में दोबारा क्लेम पर भुगतान कर दिया गया. ऑडिट टीम की ओर से जब इस पर सवाल उठाए गए तो आनन-फानन 80 लोगों से चार करोड़ रुपये की राशि वसूली की गई.

(डिजीटल न्यूज़ सर्विस नेटवर्क )

Share on Google Plus

News Digital India 18

पाठकों के सुझाव सदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है ..

0 comments:

Post a Comment

abc abc