पीएम मोदी की हत्या का प्लान बना रहे थे, पकड़े गए


भीमा-कोरेगांव में हिंसा को लेकर पुणे पुलिस ने गुरुवार को कोर्ट में सनसनीखेज खुलासा किया है. पुणे ने बताया कि उसने हिंसा के मामले में रोना जैकब विल्सन, सुधीर ढावले, सुरेंद्र गडलिंग सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था. इनमें से एक के दिल्ली के मुनिरका के फ्लैट से एक पत्र बरामद किया है. जिसमें कथित तौर पर राजीव गांधी हत्याकांड की तरह पीएम मोदी की हत्या करने का प्लान बनाने की बात कही गई है.

महाराष्ट्र की पुणे पुलिस ने एक पत्र के द्वारा सनसनीखेज खुलासा किया है. गुरुवार को पुलिस ने कोर्ट में बताया कि माओवादी पीएम मोदी की हत्या करने का प्लान बना रहे थे. अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट timesnownews.com की रिपोर्ट के अनुसार पुणे पुलिस ने 01 जनवरी, 2018 को भीमा-कोरेगांव में हिंसा मामले में रोना जैकब विल्सन, सुधीर ढावले, सुरेंद्र गडलिंग समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया था. इन पांचों पर प्रतिबंधित कम्‍युनिस्‍ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवाद) से जुड़े होने और नफरत फैलाने वाले भाषण देने का आरोप है. पुणे पुलिस नेउन्‍हें गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया था.

पुणे पुलिस ने कोर्ट में बताया कि उसने गिरफ्तार पांच लोगों में से एक आरोपी के दिल्ली के मुनिरका स्थित घर से एक पत्र बरामद किया. इस पत्र में देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्‍या की तरह पीएम मोदी की हत्या का प्लान बनाया गया है.

पुणे पुलिस ने सुधीर ढवाले को मुंबई, रोना जैकब विल्सन को दिल्ली, वकील सुरेंद्र गडलिंग, शोमा सेन और महेश राउत को नागपुर से गिरफ्तार किया. सभी को पुलिस ने गुरुवार को सत्र न्यायालय में पेश किया था. जिसके बाद उन्हें 14 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस की ओर से अभियोजक उज्ज्वल पवार ने कोर्ट में बताया कि दिल्ली में मुनिरका में रोना जैकब विल्सन के डीडीए फ्लैट से एक पत्र मिला, जिसमें एम -4 राइफल और चार लाख राउंड खरीदने के लिए 8 करोड़ रुपये की आवश्यकता की बात कही गई है. इसके अलावा राजीव गांधी हत्याकांड की तरह एक और घटना को अंजाम देने की बात कही गई है.

पवार ने पीएम मोदी का नाम लिये बिना एक ई-मेल का हवाला दिया जिसमें लिखा था कि हम एक और राजीव गांधी हत्या जैसी घटना के बारे में सोच रहे हैं.  यह आत्मघाती लगता है, हम असफल हो सकते हैं, लेकिन पार्टी को हमारे प्रस्ताव पर विचार करना चाहिए. उज्जवला पवार ने न्यायाधीश एएस भेलारेयर को आगे बताया कि जब्त किए गए दस्तावेजों से यह भी पता चला है कि “कामरेड” दो महीने तक एल्गार परिषद (माओवादियों द्वारा वित्त पोषित) के लिए तैयारी कर रहे थे.

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