भूंख हड़ताल के बाद भी वजन कम नहीं हुआ, चमत्कार के पीछे यह है ख़ास बजह


''भूंख हड़ताल के बाद भी उनका वजन कम नहीं हुआ, बल्कि अप्रत्याशित ढंग से बढ़ गया. डॉक्टरों का कहना है कि किसी भी हालत में भूख हड़ताल करने पर बजन नहीं बढ़ सकता. और यदि यह सच है तो बाकई एक बड़ा गजब का चमत्कार है. ऐसे में भूंख हड़ताल पर सवाल खड़े हो गए हैं.''

आखिर क्या है इस चमत्कार के पीछे?



दिल्ली में LG से परेशान होकर आम आदमी सरकार के मुखिया केजरीवाल और उनके साथ उनके कुछ मंत्री पिछले सोमवार से LG निवास राजभवन पर भूंख हड़ताल कर धरना दे रहे हैं. जानकारी मिल रही है कि भूंख हड़ताल के बाद भी उनका वजन कम नहीं हुआ, बल्कि अप्रत्याशित ढंग से बढ़ गया है. एक मंत्री सत्येन्द्र जैन का तो भूंख हड़ताल के चौथे दिन सवा किलो बजन बढ़ गया है. 

इस बात का खुलासा तब हुआ जब डॉक्टरों की एक टीम, जो नियमित रूप से भूंख हड़ताल कर रहे लोगों का चेकअप करती है, ने चेकअप किया. गुरूवार शाम एक मंत्री सतेन्द्र जैन का बजन 80.3 पाया गया था, वहीं यह बजन शुक्रवार की दोपहर में 81.5 मिला. इसके बाद से ही उनकी भूंख हड़ताल पर सवाल खड़े हो गए हैं. डॉक्टरों का कहना है कि किसी भी हालत में भूख हड़ताल करने पर बजन नहीं बढ़ सकता. और यदि यह सच है तो बाकई एक बड़ा गजब का चमत्कार है. 

अब इस पर खासकर आम आदमी पार्टी के मुखिया केजरीवाल की राय जान लें तो शायद इस चमत्कार के पीछे की सही बजह समझी जा सके. असल में जैसा कि हाल में मध्यप्रदेश में पार्टी के संयोजक आलोक अग्रवाल ने आमरण अनशन किया था, तो छटवें दिन ही पार्टी के संजय सिंह दिल्ली से आये और यह बता कर कि केजरीवाल जी का सन्देश है कि हमें लम्बी लड़ाई लड़ना है, सो स्वस्थ रहना जरूरी है, इसलिए अनशन समाप्त कर सड़क की लड़ाई लड़ें. 

और फिर इसी बात पर आलोक अग्रवाल का अनशन समाप्त कराया गया था. इस मामले से आप के केजरीवाल की सोच यह हो सकती है कि अपनी सेहत का ख्याल रखा जाना ज्यादा जरूरी है. सो हो सकता है जैसा कि बताया जा रहा है सेहत का ख्याल रखा गया हो. धरना भी चलता रहे और सेहत भी दुरुस्त रहे, इससे अच्छा क्या हो सकता है. 

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