परियोजना क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों को बाजिब हक़ नहीं मिल रहे, 27 जून से होगी हड़ताल


मांगें नहीं मानी तो फेडरेशन ऑफ आल इंडिया हिंदुस्तान कांस्ट्रक्शन वर्कर 72 घंटे की करेंगे हड़ताल -सुनील सरकार

श्रमिक कानून अधिनियम के अनुसार परियोजना क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों को उनके बाजिब हक़ उन्हें नहीं मिल रहे हैं. न तो उनकी तनखा समय पर  मिल रही है और न ही उनके अन्य भत्ते. परियोजनाओं में 39 जगहों पर मजदूर काम तो कर रहे हैं, परंतु उनकी सुरक्षा और स्वास्थ की ओर कंपनियां ध्यान नहीं दे रहीं. इसी के साथ सरकार की गलत नीतियों के कारण हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए हैं. इन बिन्दुओं पर फेडरेशन ऑफ आल इंडिया से मान्यता प्राप्त यूनियन हिंदुस्तान कांस्ट्रक्शन वर्कर यूनियन ने 72 घंटे की हड़ताल का फैसला लिया है. हड़ताल से देश भर की 39 परियोजनायें पूरी तरह बंद हो जायेंगी, इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी.

प्राची नारायण मिश्रा  की रिपोर्ट  
दिल्ली/ दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी देते हुए फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव सुनील सरकार ने बताया कि सरकार के अधिकृत यूनियन हिंदुस्तान कांस्ट्रक्शन वर्कर यूनियन के बैनर तले देश भर में लगभग 39 स्थानों पर हो रहे निर्माण कार्यों पर काम कर रहे मजदूरों का शोषण बढ़ता चला जा रहा है. समय पर मजदूरी नहीं मिल रही एवं केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए मजदूर नियम अधिनियम1948 की उप धारा 11 के नियम अनुसार कार्य छेत्र में लगे मजदूरों को  न्यूनतम मजदूरी भी नहीं दी जा रही. उनके भविष्य निधि फण्ड की कटौती नहीं की जाती. सरकार हर क्षेत्र में ठेके पर मजदूरों की भर्ती कर इनके अधिकारों का हनन कर रही है शोषण के रास्ते खोल रही है. युनियन सरकार को लगातार मजदूरों की परेशानियों से अवगत करा रही है, क्लेकिन सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है.

उन्होंने बताया कि मीडियाकर्मियों की वेतन कई कई दिनों लेट हो जाती है, जो कि महीने की 1 से 7 तारीख तक बैंक अकाउंट में आ जानी चाहिए, लेकिन यह काफी दिनों तक नहीं आती. सरकार ने कहा कि श्रमिक कानून अधिनियम के अनुसार परियोजना क्षेत्र में कार्यरत सभी कर्मकारों को मेडिकल सुविधा हो. उन्होंने जोर देकर कहा कि टिहरी शाखा में यूनियन के सदस्यों पर जो भी मुकदमे नैनीताल में दर्ज हैं, उनको तुरंत वापस लिया जाए, मजदूरों के सभी साइडों पर मिलने वाले बेनिफिट मिलें और जहाँ प्रोजेक्ट खत्म हो गए हैं या खत्म होने वाले हैं, वहाँ के मजदूरों को नोकरी की गारंटी मिले. ऐसे 10 हजार मजदूरों को निकल दिया गया है, उनको तुरंत बहाल किया जाए. 

सुनील सरकार ने बताया कि अगर सरकार ने हमारी बातों पर ध्यान नहीं दिया, तो हम अभी 27 से 29 जून, 72 घंटे की हड़ताल पर जाएंगे. इस पर भी सरकार नहीं जागी तो हम आमरण अनशन भी कर सकते हैं. युनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपांकर मिश्रा ने बताया कि हड़ताल से देश भर की 39 परियोजनायें पूरी तरह बंद हो जायेंगी, इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी. इसमें जल विद्धुत, फ्लाईओवर, हाइवे, रेलवे सुरंग, थर्मल ऊर्जा आदि सभी चल रही परियोजनायें पूरी तरह बंद रहेंगी. इससे सरकार को लगभग कई करोड़ों का नुकसान तो होगा ही और समय पर काम भी पूरा नहीं होगा, जिसका खामियाजा सरकार भुगतेगी.

Share on Google Plus

News Digital India 18

पाठकों के सुझाव सदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है ..

0 comments:

Post a Comment

abc abc